- – खाद में मिले पॉलीथिन के कण, उन्हें निकालने के दिए निर्देश
- – जिलवानी 35, 500 टन कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निष्पादन
- – घरों के सैप्टिक टैंक के मलवे नपा बनाएगी खाद, लगेगा प्लांट
इटारसी। नगरपालिका अध्यक्ष पंकज चौरे ने आज नगरपालिका की टेक्नीकल टीम के साथ जिलवानी स्थिल ट्रेंचिंग ग्रांउड पर हो रहे कार्यों का निरीक्षण किया। यहां मौजूद 35 हजार 500 टन कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निष्पादन के लिए कार्य चल रहा है, वहीं घरों के सैप्टिक टैंक से निकलने वाले मल व पानी से खाद बनाने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बन रहा है।
नगरपालिका अध्यक्ष श्री चौरे ने कचरे से खाद बनाने की प्रक्रिया में बन रही खाद को देखा तो उन्हें उसमें पॉलीथिन के कण दिखे। जिस पर उन्होंने नाराजी जताई और निर्देश दिए हैं, जितनी भी खाद बनी है, उसमें से पॉलीथिन के कण दोबारा से निकालें इसके बाद ही आगे की प्रक्रिया की जाए। निरीक्षण के दौरान टेक्नीकल टीम की प्रमुख एई सुश्री मीनाक्षी चौधरी, उपयंत्री मुकेश जैन, आदित्य पांडे, सोनिका अग्रवाल, मयंक अरोरा मौजूद थे।
ये हो रहा जिलवानी में
नगरपालिका परिषद इटारसी ने ठोस अपष्टि प्रबंधन के तहत इटारसी से निकलकर जिलवानी में जमा होने वाले 35 हजार 500 टन कचरे को खत्म करने की योजना के तहत यहां टेंडर जारी किया हुआ है। ग्वालियर की एसआर मैक्स कंपनी ने यह काम लिया है। कचरे से निकलने वाली पॉलीथिन सीमेंट बनाने वाले कारखाने में ठेकेदार देगा। वहां से पॉलीथिन उपयोग हो जाने वाला प्रमाण पत्र नपा इटारसी में जमा होगा। वहीं कचरे से खाद बनाई जा रही है। खाद जैविक है, इसका उपयोग पार्क, खेती किसानी में हो सकता है। नगरपालिका जिलवानी में ही घरों के सैप्टिक टैंक से निकलने वाले अपष्टि के प्रबंधन के लिए एसटीपी बना रही है। यह काफी बड़ा होगा। इसमें सैप्टिक टैंक से निकलने वाले मल और गंदे पानी को अलग अलग किया जाएगा। मल से जैविक खाद बनाई जाएगी और पानी को फिल्टर करते हुए इसका उपयोग पेड़ पौधे में डालने के लिए किया जाएगा।
इनका कहना है
- जिलवानी में आज इंजीनियर विभाग के सभी अधिकारियों के साथ कचरे से खाद बनाने वाले प्लांट का निरीक्षण किया। यहां खाद में हमें पॉलीथिन के कण में मिले थे। जिन्हें हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा एसटीपी प्लांट का निरीक्षण भी किया।
पंकज चौरे, अध्यक्ष, नपा इटारसी











