नाबार्ड देश के 2 हजार गांवों में चलाएगा स्वच्छता अभियान

नाबार्ड देश के 2 हजार गांवों में चलाएगा स्वच्छता अभियान

पूरे देश में 2 अक्टूबर से 26 जनवरी तक एक लाख परिवारों को अभियान से जोड़ेंगे

भोपाल। महात्मा गांधी(Mahatma Gandhi) की जयंती से नाबार्ड(Nabard) ने पूरे देश में स्वच्छता जागरूकता अभियान(Sanitation awareness campaign) शुरु किया है। इसके अंतर्गत देश के दो हजार गांवों में एक लाख परिवारों को अभियान से जोड़ा जाएगा। भोपाल में इस अभियान की शुरुआत गांधी-शास्त्री जयंती के मौके से हुई। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता केके सिंह कृषि उत्पादन आयुक्त(KK Singh Agricultural Production Commissioner) मप्र ने की। इस कार्यक्रम में आरबीआई(RBI) के अधिकारियों के अतिरिक्त अन्य बैंकों के अधिकारी, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक क्षेत्रीय नाबार्ड कार्यालय टीएस राजीगेन भी उपस्थित रही।

भारत सरकार के स्वच्छता मिशन अभियान(Cleanliness Mission Campaign) के तहत नाबार्ड पूरे देश में 2 अक्टूबर से 26 जनवरी तक स्वच्छता जागरूकता अभियान चला रहा है जिसमें पूरे देश में 2000 गांव जिसमें करीब 100000 परिवारों को इस अभियान से जोड़ा जाएगा। मध्यप्रदेश में अभियान की शुरुआत प्रदेश कार्यालय से 2 अक्टूबर को की गई।

मुख्य महाप्रबंधक क्षेत्रीय नाबार्ड टीएस राजीगेन(Nabard TS Rajigen) ने बताया कि नाबार्ड द्वारा 2 अक्टूबर 2020 गांधी जयंती से 26 जनवरी 2021 गणतंत्र दिवस के दौरान भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत एक पैन-इंडिया स्वच्छता साक्षरता अभियान का आयोजन कर रहा है। नाबार्ड ने अब तक स्वच्छ भारत मिशन में क्रमश: 15,000 करोड़ रुपये और 12,298 करोड़ रुपये की राशि मंजूर और संवितरित की है, जिसके कारण 3.29 करोड़ घरेलू शौचालयों का निर्माण हुआ है। लाभार्थियों के बीच व्यवहार परिवर्तन के साथ-साथ पहले से निर्मित बुनियादी ढांचे के नियमित रख-रखाव के लिए निरंतर जागरूकता सृजन की आवश्यकता है। इसके लिए नाबार्ड देश के 2000 गांवों तक पहुंच बनाएगा और 1 लाख परिवारों को इस अभियान के तहत जोड़ेगा।

इस अभियान के अंतर्गत मध्य प्रदेश राज्य में 125 गांव और लगभग 6500 परिवारों को जोड़ा जाएगा। साथ ही इस दिन प्रत्येक जिला स्तर पर ग्राम स्तर के कार्यक्रमों का आयोजन नाबार्ड समर्थित परियोजनाओं जैसे वाटरशेड, जनजातीय वाडी विकास, एफपीओ, ओएफपीओ, कौशल कार्यक्रम और ग्रामीण हाट आदि के लिए नाबार्ड भागीदारों को शामिल करके किया जाएगा।

कैसे काम करेगा नाबार्ड
– स्वच्छ भारत मिशन/ऋण लिंकेज के तहत बैंकों के साथ निर्माण/शौचालय के नवीनीकरण के लिए संभावित लाभार्थियों के लिए डेटा बेस तैयार किया जाएगा।
– पूरे अभियान काल में जागरूकता सामग्री का प्रदर्शन पोस्टर, संदेश आदि के माध्यम से और एफएम रेडियो / सामुदायिक रेडियो के माध्यम से जिंगल्स द्वारा ग्रामीण जागरुकता की जायेगी।

अधिकारियों को प्रशिक्षण दिलाया
नाबार्ड प्रत्येक 150 से अधिक परिवारों के 5/6 समूहों में पशुपालन और जैव गैस के साथ जैविक खेती, जैविक खेती के साथ मधुमक्खी पालन आदि विभिन्न गतिविधियों पर अभिसरण के माध्यम से एकीकृत अपशिष्ट प्रबंधन पर समूहों को बढ़ावा देने की योजना बना रहा है। इन समूहों को स्वच्छ भारत मिशन के तहत मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। स्व-सहायता समूह के सदस्य, बाडी और वाटरशेड लाभार्थी, एफपीओ इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल हो। नाबार्ड ने रामकृष्ण रघुवंशी सिवनी मालवा मास्टर ट्रेनर एनएसडीसी को विशेष रूप से आमंत्रित करके अपने नाबार्ड परिसर में वेस्ट मैनेजमेंट के लिए वर्मी कंपोस्ट पिट का निर्माण उनके मार्गदर्शन में कराया एवं अपने अधिकारियों व उनके परिवारों को प्रशिक्षण दिलाया और पर्यावरण स्वच्छता के लिए उदाहरण प्रस्तुत किया।

 

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