जिले के 7 गांव बनेगे पोषण स्मार्ट गांव

जिले के 7 गांव बनेगे पोषण स्मार्ट गांव

होशंगाबाद। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बच्चो तथा महिलाओ का पोषण स्तर बढाने के लिये पोषण स्मार्ट गांव योजना लागू की गई है। इसके तहत जिले के हर विकासखंड के एक गांव का चयन किया गया है। योजना को लागू करने के लिये अन्तर विभागीय बैठक कलेक्ट्रेट सभागार मे आयोजित की गई। बैठक मे जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पी.सी.शर्मा ने कहा कि इस योजना मे हर ब्लाक मे केवल एक गांव को ही शामिल किया गया है। इन गांव मे जनप्रतिनिधियो तथा ग्राम स्तरीय कर्मचारियो की समिति गठित करे। समिति बच्चो तथा महिलाओ का पोषण स्तर बढाने के लिये किये जा रहे प्रयासो की निगरानी करे। इसमे सरपंच तथ सचिव को अनिवार्य रूप से शामिल करे। गांव मे पेयजल स्त्रोतो के शुद्धिकरण तथा खुले मे शौच मे प्रतिबंध पर भी ध्यान देना आवश्यक है। विभिन्न विभाग यदि अपनी जिम्मेदारी निभाएंगें तो सुपोषण के लक्ष्य प्राप्त होकर रहेगे। इसके लिये महिलाओ को जागरूक करना तथा उनके व्यवहार मे परिवर्तन का भी प्रयास करे।
बैठक मे कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास सुशील त्रिपाठी ने बताया कि विभिन्न विभागो के सहयोग से पोषण स्मार्ट ग्राम योजना लागू की जा रही है। इसके तहत विकासखंड सिवनीमालवा मे ग्राम ढेकना, बनखेडी मे ग्राम कोठारी, पिपरिया मे ग्राम मटकुली, सोहागपुर मे ग्राम कुकरा, बाबई मे ग्राम जावली, केसला मे ग्राम मोरपानी तथा विकासखंड होशंगाबाद मे ग्राम रायपुर का चयन किया गया है। इन गांव मे बच्चो, महिलाओ तथा किशोरियो के पोषण स्तर को बढावा देने के लिये विभिन्न विभागो के सहयोग से कार्य योजना बनाई जा रही है। इसमे कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य विभाग, मछली पालन विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग को शामिल किया गया है।
बैठक मे बताया गया कि पोषण स्मार्ट गांव का सर्वे पूरा कर लिया गया है। बच्चो तथा महिलाओ को उचित पोषण देने के लिये आवश्यक पोषण आहार की जानकारी दी जाएगी। घर की बाडी मे ही 25 वर्ग मीटर के क्षेत्र मे विभिन्न सब्जियां, शाक, कंद तथा फलदार पौधे लगाकर इनसे पर्याप्त पोषक आहार वर्ष भर प्राप्त किया जा सकता है। मुनगा के पौधे से भी अच्छा पोषण आहार मिलता है। पोषण आहार के साथ-साथ व्यक्तिगत स्वच्छता, घर की स्वच्छता, शौच के लिये शौचालय के उपयोग तथा शिशुओ के संपूर्ण टीकाकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कम पोषण वाले परिवारो को कृषि पशुपालन, मछली पालन, मुर्गी पालन, वन उपज संग्रहण तथा अन्य स्वरोजगार के अवसर दिये जाएंगे। आर्थिक स्थिति मे सुधार से भी पोषण के स्तर मे सुधार होगा। कार्यक्रम मे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ दिलीप कटेलिया ने कहा कि जो गांव खुले मे शौच से मुक्त हो गये है उनमे उल्टी-दस्त, पीलिया तथा अन्य वर्षा जनित रोगो का प्रकोप नही हो रहा है। स्वच्छता से बीमारियो पर रोक लगेगी तथा बच्चे एवं महिलाएं स्वस्थ रहेगी। कार्यक्रम मे एडीएम मनोज सरियाम, परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास, कृषि उद्यानिकी तथा अन्य विभागो के अधिकारी कृषि विज्ञान केन्द्र के कृषि वैज्ञानिक एवं पोषण आहार विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

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