वनस्पति पौधों का रोपण, विश्व का सबसे बडा कार्यक्रम: कमिश्नर

वनस्पति पौधों का रोपण, विश्व का सबसे बडा कार्यक्रम: कमिश्नर

होशंगाबाद। नर्मदा नदी के बेसिन पर व नर्मदा नदी के 1-1 कि.मी. के क्षेत्र में 2 जुलाई को बृहद स्तर पर वनस्पति पौधों व फलदार पौधों का रौपण किया जाएगा। 2 जुलाई को होशंगाबाद में 1 लाख व्यक्ति व हरदा में हर परिवार 5 पौधों का रोपित करेगा, यह कार्यक्रम वृहद स्तर पर किया जाएगा, इसके लिए हरदा में 40 लाख पौधौं का एवं होशंगाबाद में लगभग 24 लाख पौधौं का तथा बैतुल के घोड़ाडोगरी व शाहपुर बेसिन पर 10 लाख 2 हजार पौधौं का रोपण किया जाएगा। उक्त जानकारी नर्मदापुरम संभाग कमिश्नर श्री उमाकात उमराव ने शुक्रवार को नर्मदा नदी के तटवर्ती क्षैत्रो व 1 किमी के भीतर पौधे लगाने की तैयारियो के संबंध में आयोजित बैठक में दी। बैठक में होशंगाबाद कलेक्टर श्री अविनाश लवानिया, हरदा कलेक्टर श्री श्रीकांत बनोठ, मुख्य वन संरक्षक श्री भागवत सिंह सहित विभिन्न विभागो के वरिष्ठ अधिकारी गण मौजूद थे।
कमिश्नर श्री उमराव ने बैठक मे कलेक्टर्स को निर्देशित किया कि वे वन विभाग, उद्यानिकी, कृषि वानिकी, मनरेगा व किसानो द्वारा स्वयं की भूमि पर लगाए जाने वाले पौधो व व्यक्तियो की जानकारी वेबसाइड कल्प वृक्षम में रजिस्ट्रर्ड कराना सुनिश्चित करें। कमिश्नर ने कहा कि पौधरोपण का कार्यक्रम वृहद स्तर का है अत: पूर्व से ही चयनित स्थलो पर पौधे लगाने के लिए गड्डे कर दिए जाए ताकि 2 जुलाई को कोई अप्रिय स्थिति सामने ना आए। कमिश्नर ने बताया कि हरदा में हर एक परिवार 5 पौधो का एवं होशंगाबाद में नर्मदा परिवार उनको आवंटित 50 मीटर के क्षैत्र में वनस्पति पौधो का रोपण करेंगे।
मनरेगा के माध्यम से होशंगाबाद की ग्राम पंचायतो में लगभग 4 लाख पौधो का, उद्यानिकी विभाग किसानो के माध्यम से लगभग ढाई लाख पौधो का, वन विभाग 12 लाख पौधो का एवं रिपेयरियन जोन में नर्मदा परिवार 6 लाख वनस्पति पौधो को रोपित करेगा। बताया गया कि इनमें से लगभग 5 लाख पौधो का रोपण नर्मदा नदी के 1 कि.मी. के अंदर तक किया जाएगा। वही हरदा में 40 लाख पौधे लगाए जाएगे जिनमें से 10 लाख पौधे सागौन के भी रहेंगे, वन क्षैत्र में 14 लाख पौधे वन क्षैत्र के बाहर 5 लाख पौधे, प्रायवेट लैण्ड में, खाली वाली जमीन पर, नदी के 1 कि.मी. के किनारो पर 2 लाख पौधे लगाए जाएगे। कुछ पौधे हंडिया से जोबा तक लगाए जाएगे, पौधरोपण के लिए किसानो का सर्वे कर लिया गया है। स्थान भी चिन्हित कर लिया गया है।
कंट्रोल रूम बनाया जाएगा
कमिश्नर ने बताया कि 2 जुलाई से पूर्व ही जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। कंट्रोल रूम पर बीजो की, कलम, घास, झाड झंकाड, तैयारियो की हर प्रकार की जानकारी अपडेड रहेगी एवं पौधरोपण में संलग्न महत्वपूर्ण व्यक्ति कंट्रोल रूम में जानकारी देंगे।
नर्मदा के बेसिन पर किया जाने वाला विश्व का सबसे बडा कार्यक्रम
कमिश्नर ने बैठक मे बताया कि आगामी 2 जुलाई को नर्मदा नदी के किनारे के 16 जिलो में एक साथ वनस्पति पौधे व फलदार पौधो का रोपण किया जाएगा। यह कार्यक्रम नर्मदा नदी एवं किसी भी नदी के बेसिन पर किया जाने वाला विश्व का सबसे बडा कार्यक्रम है। होशंगाबाद के 120 कि.मी. के नर्मदा तटवर्ती क्षैत्र में पौधो के करोडो बीज लगाए जाएगे। घास, कलम, डंठल, झाड, झंकाल आदि वृहद स्तर पर लगाया जाएगा। पौधरोपण के पश्चात पौधो की सुरक्षा भी प्राथमिकता से तय की जाएगी। इसके लिए नर्मदा परिवार भी बनाया गया है जो पौधा लगाने के पश्चात उसकी सुरक्षा व देखभाल भी करेंगे। एक नर्मदा परिवार को 50 मीटर का क्षैत्र दिया गया है। और उन्हे आर-1 एवं आर-2 के एरिया में बीज देकर पौधे लगाने के लिए कहा गया है।
हर ब्लाक में 51 प्रकार के वनस्पति पौधे
कमिश्नर ने बताया कि हरदा, होशंगाबाद के हर ब्लाक में प्रथम चरण में 51 प्रकार के वनस्पति पौधे लगाए जाएगे। पौधे चार प्रकार से लगाए जागऐ जैसे कलम, बीज, पौधे व घास आदि से।
रास्तो पर ट्रेची व फ्रेसिंग की जाएगी
कमिश्नर ने कहा कि गांवो के रास्तो पर पौधो की सुरक्षा करने के लिए ट्रेची की जाएगी जो रास्ता नदी तक जाता है। वहां पर फेंसिंग की जाएगी, रास्तो पर बबूल, शबबूल के पौधे लगाए जाएगे। जिन किसानो की जमीन नदी के नीचे की ओर जाती है वहां की जमीन पर उन्ही किसानो से पौध रोपण कराया जाएगा। नदी के 1 कि.मी. के पट्टी पर उद्यानिकी विभाग किसानो के सहयोग से फलदार पौधे लगाएगी।
पौधरोपण करने का उद्देश्य जल संरक्षण
श्री उमराव ने कहा कि पौधरोपण करने का उद्देश्य जल संरक्षण व नर्मदा नदी के आस पास के पर्यावरण को मूल स्वरूप में लाने का है इसके अलावा इसका आर्थिक पहलू भी है। फलदार पौधे लगाने से किसानो की आर्थिक स्थिति सुधरेगी भी।
सर्वश्रेष्ठ पौधरोपण पर पुरूस्कार मिलेगा :-कमिश्नर ने बताया कि जो व्यक्ति, संस्था या नर्मदा परिवार नर्मदा नदी के रिपेयरियन जोन पर वृहद स्तर पर पौधरोपण करेगा व उसकी देखभाल भी करेगा। उसे 51 हजार रूपये का पुरूस्कार दिया जाएगा। कमिश्नर ने हरदा जिले के नाम का प्रस्ताव इंदिरा प्रियदर्शनी आवार्ड के लिए भिजवाने के निर्देश दिए।
ट्रेनिंग प्रोग्राम की रिपोर्ट :- कमिश्नर ने अगले सप्ताह होशंगाबाद व हरदा में होने वाले ट्रेनिंग कार्यक्रम की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए और बताया कि ट्रेनिंग कार्यक्रम में 50-50 किसानो को एक बार मे पौधे लगाने के लिए ट्रेड किया जाएगा, ट्रेनिंग देने के लिए बाहर से भी प्रशिक्षक बुलाए जाएगे। पौधे नर्सरी, वन विभाग व प्रायवेट व्यक्तियो से उपलब्ध कराएं जाएगे।
मां से मनुहार कार्यक्रम होगा
कमिश्नर ने बताया कि शीघ्र ही मां से मनुहार कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, कोई एक दिन निश्चित करके सभी लोग नर्मदा नदी के तट पर एकत्रित होंगे और जिन्हे जो स्थान, ब्लाक आवंटित किया गया है वहां नर्मदा नदी का जल लेकर छिडकाव करेंगे। यह कार्यक्रम अपनी क्षमता को पहचानने का है। इससे पता चल जाएगा कि 2 जुलाई को पौधरोपण के लिए कितने लोग जुट पाते है। इतने सारे लोगो के लिए संसाधन उपलब्ध हो पाते है कि नहीं। कमिश्नर ने बताया कि मां से मनुहार कार्यक्रम एक तरह से 2 जुलाई के लिए मार्कड्रिल जैसा है।
कलेक्टर ने बताया योजना तैयार है
बैठक में कलेक्टर श्री अविनाश लवानिया ने बताया कि पौधरोपण की कार्य योजना बना ली गई है। मनरेगा के माध्यम से संडक के किनारे, सार्वजनिक स्थलो, नहरो के किनारे पौधरोपण किया जाएगा इसमें स्वसहायता समूह, सरकारी गैर सरकारी व्यक्ति सहयोग देंगे। नदी किनारे के 60 गांवो के अतिरिक्त अन्य ग्रामो में भी पौधरोपण किया जाएगा। किसान को 1 पौधे पर 25 रूपये का अनुदान दिया जाएगा।

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