अस्पताल की टीम ने डॉ. जैन के यहां दस्तावेज खंगाले

सीएमएचओ के निर्देश पर अस्पताल अधीक्षक ने जांच

सीएमएचओ के निर्देश पर अस्पताल अधीक्षक ने जांच
इटारसी। डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी शासकीय अस्पताल के पूर्व मेडिकल आफिसर और वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सुखतवा में पदस्थ डॉ. सुभाष जैन और उनकी पत्नी डॉ. आभा जैन की क्लीनिक पर डॉक्टर्स की दो सदस्यीय टीम ने पहुंचकर जांच की। डॉ. दंपत्ति के घर से नर्सिंग होम और मेडिकल स्टोर संचालित होने की शिकायत सामने आने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के आदेश पर डॉ. एसपीएम शासकीय अस्पताल के अधीक्षक ने टीम को जांच करने भेजा था।
सरकारी अस्पताल के डॉ. आरके चौधरी और डॉ. कमलेश कुम्हरे की टीम ने दोपहर करीब 1 बजे डॉ. सुभाष जैन और डॉ.आभा जैन के देशबंधुपुरा स्थित क्लीनिक पर जाकर दस्तावेज खंगाले। दो सदस्यीय टीम डॉ. जैन के यहां करीब आधा घंटे रही और डॉ. सुभाष जैन से जांच के दौरान कुछ सवालों के जवाब भी लिए। मेडिकल स्टोर का लायसेंस और अन्य ड्रग संबंधी दस्तावेज भी मांगे जो उनको उपलब्ध नहीं कराए।
जांच टीम के सदस्य डॉ. चौधरी ने बताया कि मुख्यत: दो बिन्दुओं पर जांच की गई है। इसमें मेडिकल स्टोर का संचालन नियम से हो रहा है या नहीं और यहां नर्सिंग होम संचालित हो रहा है या नहीं। मेडिकल स्टोर में खामियां मिली हैं, वे ड्रग इंस्पेक्टर का लायसेंस उपलब्ध नहीं करा सके हैं। नर्सिंग होम चलने जैसी कोई बात यहां नहीं मिली है, केवल क्लीनिक चल रहा है।
विवाद और डॉ. जैन का साथ
डॉ. सुभाष जैन का विवाद से लंबा नाता रहा है। अस्पताल में कभी भी ड्यूटी नहीं करने की उनकी शिकायतें हमेशा होती रही हैं, लेकिन भोपाल में बड़ी एप्रोच होने से वे हमेशा बच जाते हैं, ऐसी भी बातें सामने आती रही हैं। सरकारी अस्पताल के डाक्टर्स से उनके विवाद कई मर्तबा हुए हैं। हाल ही में मेडिकल सर्टिफिकेट मामले में हुई शिकायत पर कमिश्रर ने उनको शो कॉज नोटिस भी जारी किया है। इससे पहले हुई जांचों में वे दोषी भी पाए गए हैं, बावजूद इसके डॉ. जैन पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होने से प्रदेश स्तर पर उनकी ताकत का पता चलता है। अभी हाल ही में उनके यहां कर्मचारियों को आकर बाहर से कुछ लोगों ने जमकर मारपीट की थी, उस वक्त भी डॉ. जैन ने इस विवाद से खुद को अलग करके कहा था ये कर्मचारियो का आपसी मामला है, वे खुद निपट लेंगे। शासकीय अस्पताल में कई आला अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान भी वे नदारद रहे, लेकिन कोई भी अफसर उनका कुछ नहीं बिगाड़ सका। इन्हीं सारी बातों से चर्चा यह है कि इस तरह की जांच से उनकी सेहत पर कोई असर नहीं पडऩे वाला। आज जांच के दौरान पूरे वक्त डॉ. जैन मुस्कराते रहे और मीडिया से भी बात करने से इनकार करते हुए कहा कि आप लिख दीजिए उन्होंने बात करने से मना कर दिया।

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