किसान ने बताया अनाज भंडारण का नायाब तरीका

पर्यावरण दिवस को सार्थक करने की पहल

पर्यावरण दिवस को सार्थक करने की पहल
इटारसी। भंडारण की समस्या को आसान बनाने के लिए ग्राम सुपरली के किसान योगेंद्र पाल सिंह सोलंकी ने अपने नवाचारों के पिटारे से एक तरीका खोज निकाला है जिससे किसान कम खर्च में बड़ी ही आसानी से अनाज का भंडारण कर सकता है। किसान जिन पाइपों से सिंचाई करते हैं उन्हें मालूम नहीं हैं कि यह सिर्फ सिंचाई के उपयोग के ही नहीं बल्कि किसान इन पाइपों में अनाज का भंडारण भी कर सकता है। अनाज भंडारण के लिए मूलत: किसान एअर टाईट स्थान का निर्माण कर भंडारण करता है जिसमें व्यय अधिक होता है। सीमांत एवं लघु कृषकों के लिये आज भी अनाज भंडारण एक समस्या बनी हुई हैं। उचित रख रखाव के अभाव में लघु कृषकों का अनाज का भंडारण सही ढंग से नहीं हो पाता हैं। साथ ही किसान अनाज भंडारण के लिये रासायनिक दवाओं का प्रयोग करते हैं ताकि अनाज सही सलामत निकल सकें।
श्री सोलंकी ने पर्यावरण को सार्थक करने की इस पहल के संबंध में बताया कि शासन ने किसानों को अनुदान पर सिंचाई पाइप उपलब्ध कराये हैं यदि किसान इन पाइपों का उपयोग अनाज भंडारण के लिये करे तो एक ढाई इंच व्यास के 20 फीट के पाइप में लगभग 30 किलो गेहूं बनते हैं। यदि किसान को 50 पाइप अनुदान पर मिले हैं तो 15 क्विंटल गेहूं का भंडारण आसानी से कर सकता है। पाइप के सिरों को दोनों तरफ से बंद करने से हवा एवं नमी के प्रवेश की संभावना नगन्य हो जाती हैं एवं किसान जिन पाइपों को कहीं भी रखता है उनको उसी स्थान पर अनाज भंडारण कर रख सकता है। इन पाइपों में किसी प्रकार के रसायनिक दवा मिलाने की आवश्यकता भी नहीं होगी जिससे हमारा पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा।

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