खतरनाक भवन नहीं तोड़े तो खुद होंगे हादसे के जिम्मेदार

 दो दर्जन जर्जर भवन मालिकों को नोटिस

 दो दर्जन जर्जर भवन मालिकों को नोटिस
इटारसी। मानसून निकट है और ऐसे में खतरनाक घोषित हो चुके शहर के दो दर्जन से अधिक मकानों के मालिकों को नगर पालिका ने नोटिस जारी कर दिए हैं। इन भवन मालिकों को कहा है कि वे भवन खाली करके उनको तोड़ लें ताकि बारिश में किसी प्रकार के हादसे से बचा जा सके। भारी बारिश के दौरान शहर के 25 जर्जर मकान बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।
कई क्षेत्रों में वर्षों पुराने खपरैल मकानों में लोग जान हथेली पर रखकर निवास कर रहे हैं। हर साल बारिश की सीलन से मकानों की नींव और छज्जा कमजोर होता जा रहा है। बावजूद इसके लोग मकान खाली करने को तैयार नहीं हैं। नपा अधिनियम 221 के तहत नपा ने मकान मालिकों को क्षतिग्रस्त आवासों में रहने वाले परिवारों को जल्द बाहर कर मकान गिराने का नोटिस दिया है लेकिन नोटिस देने के बावजूद जर्जर मकानों में लोग जमे हुए हैं। ऐसे लोगों को नगर पालिका ने नोटिस देकर कहा है कि भविष्य में कोई हादसा होता है तो उसके जिम्मेदार नागरिक स्वयं होंगे। शहर के तेरहवीं लाइन, नौंवी लाइन, छटवीं लाइन, सहित लाइन क्षेत्र में ही एक दर्जन से अधिक आवासों को नपा जर्जर घोषित कर चुकी है। शहर की पुरानी बस्तियों में भी इसी तरह के मकान हैं जहां आज भी दर्जनों परिवार निवास कर रहे हैं। बाजार क्षेत्र के कुछ व्यवसायिक कॉम्पलेक्स की हालत भी जर्जर हो चुकी हैं। ये कॉम्पलेक्स भी हादसे का सबब बन सकते हैं।
इन भवन मालिकों को नोटिस
तेरहवी लाइन में विजय तिवारी, श्रीमती शीला मालवीय जैन दाल मिल के पास, नरेन्द्र कुमार जैन बाजार एरिया, मानवेन्द्र पांडेय नेहरुगंज, यूसुफ खान इकबाल गंज, मालती देवी जैन सुभाषगंज, राजेश कुमार अरोरा देशबंधुपुरा, शिखरचंद जैन दसवी लाइन, वार्उ 29 तालाब मोहल्ला और पीपल मोहल्ला, जयप्रकाश अग्रवाल गांधीनगर, आशुतोष मालवीय पुरानी गरीबी लाइन, चिमनलाल प्रागजी भाई वार्ड 30, गोविन्द सिंह राजपूत मालवीयगंज, रविन्द्र कौर छाबड़ा पंजाबी मोहल्ला, मोहन खंडेलवाल तालाब के सामने, मीराबाई स्वतंत्र जैन 11 वी लाइन, रामेतीबाई दुबे नवमी लाइन, अनिल कुमार गुप्ता सातवी लाइन, संजय मालवीय, दिलीप मालवीय मालवीयगंज, राजेश चावरा वार्ड 32 सुभाष गंज, विष्णु किशोर जायसवाल पांचवी लाइन, रूद्रेश पांडे पुराना पंजाब बैंक, कुजीलाल सूरजमल जैन तीसरी लाइन और गुलाबचंद मन्नूलाल जैन नरेन्द्र नगर।
इनका कहना है…!
नपा अधिनियम के तहत मानसून पूर्व जर्जर मकान मालिकों को नोटिस दिए जाते हैं। मकान मालिक मकान खाली नहीं कराते हैं। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। शहर में करीब 25 जर्जर आवास एवं कॉम्पलेक्स हैं जिन्हें नोटिस भेजे जा रहे हैं। इसके बाद होने वाले हादसे के भवन मालिक स्वयं जिम्मेदार रहेंगे।
सुरेश दुबे, सीएमओ

CATEGORIES
error: Content is protected !!
%d bloggers like this: