चलती ट्रेन में ड्रायवर हुआ बेहोश

हंगर फास्ट कर रहे रनिंग स्टाफ के स्वास्थ्य पर असर होना शुरु

हंगर फास्ट कर रहे रनिंग स्टाफ के स्वास्थ्य पर असर होना शुरु
इटारसी। अपनी मांगों को लेकर 36 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठे रेलवे के रनिंग स्टाफ के स्वास्थ्य पर असर देखने को मिल रहा है। आज जहां बनखेड़ी रेलवे स्टेशन के पास एक सहायक लोको पायलट बेहोश हो गया है, वहीं यहां रेलवे स्टेशन पर उपवास कर रहे कई पायलट और गाड्र्स भी कमजोरी महसूस कर रहे हैं।
भूखे पेट गाड़ी चला रहे ट्रेन चालक कमजोरी महसूस कर रहे हैं। वे अब राहत मांग रहे हैं। इससे कामकाज भी प्रभावित होने लगा है। आंदोलन कर रहे रनिंग स्टाफ का कहना है कि यात्री हमारे भरोसे हैं, ऐसे में उनकी जान जोखिम में नहीं डाली जा सकती है। संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम यादव का कहना है कि हम यात्रियों की जान जोखिम में नहीं डाल सकते, रेलवे को हमारी मांगे माननी चाहिए। मांगें नहीं मानी गई तो हम अनिश्चतकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
सहायक चालक बेहोश हुआ
इधर हड़ताल का असर रेल संचालन पर भी होने लगा है। मुंबई-लोकमान्य तिलक का सहायक चालक चलती ट्रेन में बनखेड़ी के निकट अचानक चक्कर खाकर गिर गया। मुख्य चालक ने तत्काल सभी जगह मैसेज कर ट्रेन को पिपरिया रेलवे स्टेशन लाए जहां आरपीएफ की मदद से सहायक चालक को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। इस कवायद में ट्रेन करीब डेढ़ घंटे पिपरिया में खड़ी रही। जबलपुर मुख्यालय में पदस्थ त्रिवेणी पिता रामबिहारी मुंबई-लोकमान्य तिलक सुपर फास्ट से मुंबई जा रहा था कि बनखेड़ी के पास चक्कर खाकर गिर गया। पिपरिया में जांच करने वाले डाक्टर ने कहा है कि भूखे रहने की वजह से चक्कर आने पर उसे बेहोशी आयी है।

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