चिकित्सा स्टाफ की अस्थायी नियुक्तियां हो सकेंगी

इटारसी। प्रदेश के अनेक जिलों को लॉक डाउन करते हुए सीमाओं को प्रतिबंधित किया है। ऐसे में राज्य स्तर पर तात्कालिक आवश्यकता को देखते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन स्तर से केन्द्रीयकृत रूप से आवश्यक चिकित्सक/स्टाफ नर्स/पैरामेडिकल स्टाफ आदि को नियुक्त नहीं किया जा सकता है। अत: मप्र पब्लिक हेल्थ एक्ट 1947 की धारा 10 आपात स्थिति में हेल्थ आफिसर को नियुक्ति के अधिकार के तहत सीएमएचओ जिला स्वास्थ्य अधिकारी के माध्यम से कलेक्टर के अनुमोदन से प्रत्योजित किये गये हैं।
ये किया जा सकेगा
जिला स्तर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत स्वीकृत पदों पर आवश्यकता अनुसार स्टाफ नर्स/पैरामेडिकल स्टाफ/ चिकित्सक आदि की अस्थायी रूप से तीन माह के लिए नियुक्ति की जा सकेगी।
शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों में ओपीडी पंजीयन की व्यवस्था प्रतिबंधित की है, अत: ओपीडी सेवाएं बंद होने के कारण वहां से मुक्त हुए स्वास्थ्यकर्मी यदि स्वैच्छा से शासकीय सेवाएं देना चाहते हैं तो उन्हें भी अस्थायी रूप से नियोजित किया जा सकेगा।
जिला स्तर पर कोविद-19 के नियंत्रण हेतु ऐसे समस्त स्वयंसेवी विषय विशेषज्ञ चिकित्सक जो स्वैच्छा से अपनी सेवाएं कोविद-19 काम्बेट रेस्पांड टीम के सदस्य के रूप में देना चाहें, उन्हें भी आवश्यकतानुसार अस्थायी रूप से नियोजित किया जा सकेगा।
बीएससी नर्सिंग एवं जीएनएम प्रशिक्षण केन्द्रों की अंतिम वर्षों की ऐसी छात्राएं जो परीक्षा परिणाम घोषित होने की प्रतीक्षारत हैं उनकी पदस्थापना मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिले में रिक्त स्टाफ नर्स के पदों पर अस्थायी रूप से कर सकेंगे।
जिले में शासकीय प्रशिक्षण केन्द्रों से प्रशिक्षण प्रापत ऐसी एएनएम जो किसी शासकीय संस्था में नियमित/संविदा पर कार्यरत नहीं हैं, उन्हें सीएमएचओ द्वारा आवश्यकतानुसार न्यूनतम निर्धारित मानदेय पर तीन माह के लिए अस्थायी रूप से नियोजित कर सकेंगे।
उपरोक्त अधिकारी कोविद-19 के नियंत्रण हेतु अस्थायी रूप से आगामी आदेश पर्यंत प्रत्यायोजित किये जा रहे हैं, समस्त नियुक्ति/नियोजन केवल तीन माह हेतु अस्थायी रूप से होंगी जिसमें आवश्यकतानुसार वृद्धि की जा सकेगी।

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