जमीन पर पड़ा पेन उठाना कलेक्टर का काम नहीं

साक्षात्कार की तैयारी की बरीकियां समझी

साक्षात्कार की तैयारी की बरीकियां समझी
इटारसी। शासकीय कन्या महाविद्यालय में कॅरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के द्वारा मासिक व्याख्यान का आयोजन किया गया। प्रारंभिक भूमिका में प्रभारी डॉ श्रीराम निवारिया ने माह मार्च, 2017 के लिए निर्धारित विषय; प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के संबंध में बताया। प्राचार्य डॉ कुमकुम जैन ने परीक्षाओं के लिए कठिन परिश्रम की जरूरत पर बल दिया।
मुख्य वक्ता भोपाल से आये कॅरियर कॉलेज, भोपाल के मैनेजमेट के प्राध्यापक राजेश श्रीवास्तव ने सरल शब्दों में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी एवं साक्षात्कार की तैयारी की बरीकियों को विस्तार से व्याख्यायित किया। उन्होंने कहा कि, यदि बैंक की कोचिंग कर रहे है तो बैंक की परीक्षा को ही अपना लक्ष्य बनाए। साक्षात्कार में परीक्षार्थी की संबंधित विषय अनुसार कार्य व्यवहार की दृष्टि परिलक्षित होना चाहिए। आपने उदाहरण देकर बताया कि कलेक्टर के साक्षात्कार में एक प्रतियोगी का चयन, चयन समिति ने इसलिए नहीं किया क्योंकि प्रतियोगी ने कक्ष में घुसते समय जमीन पर पड़े पेन को उठाकर पेन होल्डर में रख दिया था। समिति ने जान-बूझकर पेन जमीन पर इसलिए रखा था कि, प्रतियोगियों का मानसिक स्तर पता लग सके। पेन उठना कलेक्टर का कार्य नहीं है यह कार्य भृत्य का है।
डॉ आरएस मेहरा ने लोक सेवा आयोग में दी गई परीक्षा के अनुभव सुनाए एवं आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में डॉ रजनी श्रीवास्तव, श्रीमती हरप्रीत रंधावा, श्रीमती मंजरी अवस्थी, श्री मनीष चौधरी, श्री हेमंत गोहिया एवं छात्राऐं उपस्थित थीं।
 
 

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