दिया एमजीएम स्कूल के गेट पर धरना

फीस में कमी और निजी प्रकाशकों की किताबें बंद करने की मांग

फीस में कमी और निजी प्रकाशकों की किताबें बंद करने की मांग
इटारसी। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन निजी स्कूलों में मोटी फीस, मनमानी दुकानों से किताब-कापियां खरीदने के लिए पालकों को बाध्य करने, अधिक परीक्षा फीस और तगड़े डोनेशन के खिलाफ आज एमजीएम स्कूल के गेट पर कांग्रेस के साथ मिलकर धरना देकर नारेबाजी की।
संगठन के छात्र नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती, वे ऐसे हर निजी स्कूल के सामने धरना-प्रदर्शन करते रहेंगे। आज आंदोलन के बाद एमजीएम स्कूल के प्राचार्य फादर जार्ज वर्गीस से छात्र नेताओं ने बातचीत भी की है। इस अवसर पर प्रमुख रूप से एनएसयूआई के हिमांशु बाबू अग्रवाल, विक्रमादित्य तिवारी, सौम्य दुबे, ब्रजेश सेंगर, कांग्रेस के पूर्व मंत्री विजय दुबे काकूभाई, अनिल अवस्थी, पंकज राठौर, सम्राट तिवारी, शेष मेहरा सहित भारी संख्या में एनएसयूआई व कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।
it060417एनएसयूआई के छात्र नेताओं से मुलाकात और उनकी मांगें सुनने के बाद प्राचार्य जार्ज वर्गीस ने अपने मैनेजमेंट से बात करने के उपरांत ही कुछ आश्वासन दे सकने की बात कही। उन्होंने कहा कि वे अपने मैनेजमेंट से बात करेंगे, अत: अगले दिन छात्र नेताओं से अपनी मांगों सहित मिलने का कहा। एनएसयूआई के अध्यक्ष हिमांशु बाबू अग्रवाल ने कहा कि आज एक प्रतिनिधि मंडल प्राचार्य से मिलने जाएगा तथा उनके मैनेजमेंट से क्या बात हुई इस पर आगे बात होगी। एनएसयूआई एमजीएम स्कूल प्रबंधन को तीन दिन का वक्त देगा, यदि उन्होंने सकारात्मक परिणाम की दिशा में काम नहीं किया तो फिर आंदोलन का अगला चरण प्रारंभ किया जाएगा।
इनका कहना है…!

एनएसयूआई नेताओं और स्कूल के फादर के बात हुई है। कल हमारे संगठन के पांच लोगों का प्रतिनिधिमंडल समस्त मांग लेकर फादर के पास जायेगा और फादर को तीन दिन का समय प्रदान करेगा। हमने फादर को मैनेजमेंट से बात करने के लिए वक्त दिया है।
हिमांशुबाबू अग्रवाल, अध्यक्ष एनएसयूआई
निजी स्कूलों द्वारा अत्यधिक फीस लेने के विरोध में एनएसयूआई आंदोलन कर रही है तथा कांग्रेस उनके आंदोलन के समर्थन में साथ है। हम उनकी मांगों से सहमत हैं और मांगें नहीं मानी गईं तो आगे आंदोलन का रूप और उग्र होगा।
पंकज राठौर, अध्यक्ष नगर कांग्रेस

एनएसयूआई के लोगों से हमारी बातचीत हुई है। हम बिना मैनेजमेंट से बात किए कोई निर्णय नहीं ले सकते हैं। कल उन लोगों को उनकी मांगों के साथ बुलाया है। एनसीईआरटी की बुक्स 9 से 12 तक अनिवार्य है, जिसका पालन कर रहे हैं, शासन से जैसे आदेश आएंगे आगे भी वैसा ही किया जाएगा। मनमानी जैसी कोई बात नहीं है।
फादर जार्ज वर्गीस, प्राचार्य एमजीएम स्कूल

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