दो यात्रियों को नहीं मिल सका इलाज, हुई मौत

दो यात्रियों को नहीं मिल सका इलाज, हुई मौत

इटारसी। आज का दिन दो रेल यात्रियों के लिए मौत का रविवार बन गया। पहली मौत एक युवा की झेलम एक्सप्रेस में हुई और दूसरी मौत एक अधेड़ महिला तीर्थयात्री की। सुबह करीब 7:30 बजे 11077 पुणे-जम्मूतवी झेलम एक्सप्रेस आयी। इसमें तीन दोस्त रघु, अजय और श्रवण पुणे से गोरखपुर की यात्रा पर थे। वे महाराजगंज के रहने वाले हैं। एक युवा श्रवण कुमार 20 वर्ष बीमार भी था, उसे उपचार की जरूरत थी, दोस्तों ने उसे उतारा और प्लेटफार्म पर ही उसकी सांसें थम गई। यदि रनिंग ट्रेन में ही युवक को उपचार मिलता तो शायद उसकी जान बचायी जा सकती थी। उसके साथियों ने दोपहर में करीब 12 बजे डिप्टी एसएस को आकर सूचना दी जबकि ट्रेन सुबह 7:30 बजे इटारसी आ चुकी थी। करीब चार घंटे प्लेटफार्म पर युवक का शव पड़ा रहा। मामले में रेलवे और जीआरपी को जानकारी मिलने में घंटों का $फर्क है। जीआरपी के अनुसार मेमो सुबह मिला, डिप्टी एसएस का कहना है उन्हें दोपहर 12 बजे के बाद मेमो प्राप्त हुआ है।
चलती ट्रेन में मौत की दूसरी घटना 16230 बनारस-मैसूर एक्सप्रेस में हुई है। ट्रेन सुबह करीब 11:10 बजे इटारसी पहुंची। इसमें बी-3 कोच की बर्थ 33-38 तक झांसी से लोकमान्य तिलक टर्मिनस की यात्रा कर रहे एक सात सदस्यीय परिवार की महिला गायत्रीदेवी पति शिवकेश 54 वर्ष की तबीयत खराब थी। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। यह परिवार 12 दिन की देवीधाम यात्रा के बाद वापस बैंगलूरु लौट रहा था। उनको उपचार मिलता इससे पहले ही उनकी मौत हो गई। सूचना के बाद उनके शव को यहां उतारा जा रहा था तो उनकी बेटी ने विरोध किया। काफी समझाईश के बाद वह शव को उतारने को राजी हुई। इस कवायद में ट्रेन करीब चालीस मिनट स्टेशन पर खड़ी रही। आखिरकार महिला का पोस्टमार्टम कराके शव को ताबूत में रखकर यहां से रवाना किया।

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