धर्मग्रंथों में मिलते हैं पर्यावरण संरक्षण के उदाहरण

धर्मग्रंथों में मिलते हैं पर्यावरण संरक्षण के उदाहरण

इटारसी। शासकीय एमजीएम कालेज में आज विश्व पर्यावरण दिवस पर बिगड़ते पर्यावरण पर चिंता जाहिर करते हुए प्राध्यापकों ने अपने-अपने विचार प्रस्तुत किये। डॉ. ओपी शर्मा ने वेदों का उल्लेख करते हुए पर्यावरण को संरक्षित करने की बात कही। डॉ. सूसन मनोहर ने कहा कि हमारे धर्मग्रंथों में भी पर्यावरण संरक्षण का उल्लेख मिलता है। डॉ. अर्चना शर्मा ने पर्यावरण में पादपों का महत्व बताया। रामकिशोर सराठे ने मृदा प्रदूषण के कारणों का उल्लेख करते हुए रासायनिक खादों के स्थान पर जैविक खाद के प्रयोग को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। डॉ. देवेन्द्र पटेल ने सकारात्मक सोच के द्वारा पर्यावरण प्रदूषण पर नियंत्रण का सुझाव दिया। डॉ. राकेश मेहता ने नर्मदा सेवा यात्रा जैसे कार्यक्रमों की आवश्यकता को रेखांकित किया। प्राचार्य डॉ. पीके पगारे ने विश्व पर्यावरण दिवस पर सभी को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता के लिए कार्य करने की सलाह दी। कार्यक्रम के अंत में परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। संचालन डॉ. व्हीके कृष्णा ने किया।

CATEGORIES
error: Content is protected !!
%d bloggers like this: