नार्मदीय, उत्कृष्ट एवं जीवटता वाला समाज है : विधानसभा अध्यक्ष

विभिन्न सत्रों के साथ हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम

विभिन्न सत्रों के साथ हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम
इटारसी। अखिल भारतीय नार्मदीय ब्राम्हण महासभा का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन आज प्रात: सेठानी घाट होशंगाबाद पहुंचकर मां नर्मदा के दुग्धाभिषेक से प्रारंभ हुआ।
मुख्या आयोजन श्री कृष्णा रिसोर्ट में ध्वजारोहण के साथ उदघाटन सत्र से प्रारंभ हुआ। इस सत्र में शहडोल कलेक्टर मुकेश शुक्ला ने समाज के लिये आगामी चार वर्ष हेतु दृष्टि पत्र घोषित करने का आव्हन किया। इस दृष्टि पत्र में सामाजिक नवाचारों को प्राथमिकता मिले। समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष महोदय ने सामाजिक युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी, संस्कारों पर हो रहे कुठाराधात आदि पर चर्चा की। सत्र के पूर्व महसभा के अध्यक्ष बीके निलोसे, राजेश डोंगरे, काशीनाथ ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
it25032017 (3)अधिवेश ने द्वितीय सत्र में समाज के लगभग 20 इकाईयों ने अपने क्रियाकलापों का जानकारी दी। तृतीय सत्र में विशेष अतिथि के रूप में विधान सभा अध्यक्ष डा. सीताशरण शर्मा ने नार्मदीय समाज को उत्कृष्ट एवं जीवटता वाला समाज निरूपित किया। डा. शर्मा ने सम्मेलन की सफलता का श्रेय आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रमोद पगारे को दिया। इस दौरान समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष महोदय, महेन्द्र शुक्ला, पुरूषोत्तम जोशी, श्रीमती सुनीता, सुदामा प्रसाद शर्मा, अनिल शर्मा, राजेश बडोले, समाज सेवा के लिये शाल श्रीफल से सम्मान किया गया। वही आयोजन समिति के ओर से विधानसभा अध्यक्ष डा. सीताशरण शर्मा का शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट का सम्मान किया गया।
इस सत्र के उपरांत प्रस्ताव सत्र संपन्न हुआ जिसमें प्रमोद पगारे ने राजनैतिक प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिसका समर्थन अरविंद पारे बडोदा ने किया। इस प्रस्ताव के माध्यम से सार्वजनिक क्षेत्र में समाज की सक्रिय भूमिका बढ़ाने पर जोर दिया गया। समाज के प्रत्येक बंधु के चिकित्सा बीमा, सामूहिक रूप से कराये जाने का प्रस्ताव अतुल गार्गव ने पेश किया। जिसक समर्थन दीपक पगारे उज्जैन,प्रफुल्ल चतुर्वेदी इंदौर ने किया। सत्र का समापन पर मां नर्मदा की आरती से हुआ। रात्रि 8 बजे से देश के कोने कोने से आएं समाजिक कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। पूरे परिसर को निमाडी लोक संस्कृति से सजाया गया हैं साथ ही विभिन्न स्टालों के माध्यम से अपनी सामाजिक संस्कृति का परिचय भी दिया जा रहा हैं। कार्यक्रम में समाज की स्मारिका का लोकापर्ण भी किया गया।

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