न्यूज अपडेट : महिलाओं ने तोडफ़ोड़ कर दुकान जलायी

फैक्ट फाइल : मौके का फायदा उठा शराबियों ने बोतलें भी लूटीं पुलिस बल ने पहुंचकर दुकानदार को सुरक्षा दी प्रशासन ने किया सात दिन में निराकरण का वादा शराब दुकान हटाने के आंदोलन ने लिया उग्र रूप

फैक्ट फाइल :
मौके का फायदा उठा शराबियों ने बोतलें भी लूटीं
पुलिस बल ने पहुंचकर दुकानदार को सुरक्षा दी
प्रशासन ने किया सात दिन में निराकरण का वादा
शराब दुकान हटाने के आंदोलन ने लिया उग्र रूप

इटारसी। करीब एक सप्ताह से शराब दुकान हटाने के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहीं ग्राम सोनासांवरी की महिलाओं ने गुरुवार को आपा खो दिया और शराब दुकान के सामने आंदोलन करने लगाए टेंट से निकलकर दोपहर करीब ढाई बजे शराब दुकान में डंडों, हॉज़ पाइप सहित पहुंचकर तोडफ़ोड़ कर दुकान में आग लगा दी। घटना में दुकानदार को करीब दो लाख रुपए के नुकसान का अनुमान है।
पिछले सप्ताह 7 अप्रैल से ग्राम पंचायत सोनासांवरी की सरपंच प्रीति पटेल के नेतृत्व में आंदोलन कर रही महिलाओं ने पहले गांव के स्कूल मैदान में एकत्र होकर शराब दुकान हटाने का संकल्प लिया था। इसके बाद लगातर हर रोज़ कुछ न कुछ करती रहीं। करीब एक सप्ताह पूर्व महिलाएं विधानसभा अध्यक्ष से मिलने भी पहुंची थीं लेकिन वे भोपाल में होने के कारण मिल न सके। महिलाओं ने होशंगाबाद जाकर कलेक्टर से मुलाकात करने का विचार किया लेकिन डिप्टी कलेक्ट सुश्री टीना यादव से उनकी मुलाकात हो सकी। वहां से भी उन्हें आश्वासन मिला। इसके बाद महिलाओं ने शराब दुकान के सामने टेंट लगाकर 17 अप्रैल तक के आंदोलन का कार्यक्रम जारी कर दिया और विगत तीन दिन से वे दुकान के सामने ही टेंट लगाकर भजन-कीर्तन आदि कर रही थीं।
हाथ में डंडा और हॉज पाइit130417 (2)
दोपहर में हर रोज की तरह महिलाएं आंदोलन स्थल पर लगे टेंट में आ गई थीं। आज लोक हास्य कलाकार हरगोविंद परसाई द्वारा नशामुक्ति के समर्थन में लोक संगीत की प्रस्तुति का कार्यक्रम था। आंदोलन को समर्थन दे रहे सोनासांवरी निवासी वरिष्ठ कवि बीके पटेल ने सुबह महिलाओं की ओर से विधानसभा अध्यक्ष से महिलाओं से मिलने का वक्त लिया था। विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सीतासरन शर्मा भी महिलाओं से मिलने आने वाले थे। जब डॉ. शर्मा पहुंचे तो उन्होंने भी शराब दुकान हटाने का समर्थन किया। हालांकि तोडफ़ोड़ और आगजनी की घटना को उन्होंने ठीक नहीं बताया और महिलाओं को शांतिपूर्ण आंदोलन करने की समझाईश दी। एसडीएम अभिषेक गेहलोत को बुलाकर महिलाओं से बातचीत के बाद दुकान हटाने प्रशासन को सात दिन का वक्त दिया।

पंचायत क्षेत्र में दुकान का विरोध

हाईवे से दुकान दो सौ मीटर दूरी के कोर्ट के आदेश के बाद न्यास कालोनी से होकर नेशनल हाईवे जाने वाले बायपास पर सोनासांवरी पंचायत सीमा में यह दुकान खोली जा रही थी। दुकान के लिए टीन का शेड तैयार करके ठेकेदार ने उसमें शराब की बोतलें सजा दीं और बिक्री भी प्रारंभ कर दी थी। पहले ही दिन से दुकान का विरोध शुरु हो गया था। बताया जा रहा है कि दुकान एनएच 69 के पूर्वी तरफ के लिए आवंटित हुई है जबकि जहां यह दुकान खोली जा रही थी, वह हिस्सा पश्चिमी तरफ है और ग्राम पंचायत सोनासांवरी में आता है। इस हिस्से के लिए दुकान आवंटित ही नहीं हुई है। महिलाit130417 (3)ओं का कहना है कि हमारी ग्राम पंचायत में दूसरे क्षेत्र की दुकान क्यों लगायी जा रही है। इस दुकान के लगने से हमारी और हमारी बच्चियों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी।
स्कूल-कालेज जाती हैं बच्चियां
जिस रोड पर यह दुकान खुली है, उस रोड से ग्राम सोनांसावरी, साकेत, बम्हनगांव, बीसारोड़ा और बाईखेड़ी तक की बच्चियां कालेज पढऩे जाती हैं। शासकीय एमजीएम कालेज और शासकीय गल्र्स कालेज जाने का गांव के लिए यह सुलभ मार्ग है। इसके अलावा कुछ निजी स्कूल भी इस दुकान के आसपास हैं जिसमें छोटे बच्चे पढऩे आते-जाते हैं। ग्रामीण महिलाओं को इस बात का भय था कि यहां दिनभरा शराबियों का जमघट रहेगा और वे आते-जाते बच्चियों से छेड़छाड़ भी कर सकते हैं। इसके अलावा सुबह के वक्त इस मार्ग पर गांव की महिलाएं और बच्चियों के अलावा न्यास कालोनी की महिलाएं भी सुबह सैर करने के लिए निकलते हैं, उनको भी इससे खतरा बना रहेगा। इन सारी बातों को देखते हुए इस दुकान को इस जगह से हटाने की मांग हो रही है।
शराब पी-पीकर नाचते हैं
आंदोलन कर रही महिलाओं ने मौके पर पहुंचे एसडीएम श्री गेहलोत, एसडीओपी अनिल शर्मा से कहा कि साहब वे पिछले तीन दिन से यहां शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रही हैं। शराब दुकान पर शराबी आकर शराब पीते और हमें दिखाने के लिए नशे में नाच-नाचकर चुनौती दे रहे थे। महिलाओं ने कहा कि हमने सात दिन का वक्त दिया है, लेकिन इन सात दिनit13201704 (1) में यह दुकान दोबारा खोलकर शराब बिक्री नहीं होना चाहिए। अधिकारियों की समझाइश पर भी महिलाएं काफी देर तक दुकान बंद रखने पर अड़ी रहीं। हालांकि अधिकारियों ने कहा कि वे दुकान बंद रखने का फिलहाल आश्वासन नहीं दे सकते। पहले दस्तावेज की जांच करेंगे इसके बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। अतत: अधिकारी महिलाओं को सात दिन के लिए मनाने में सफल हो ही गए।
आबकारी को करनी होगी शिकायत
पुलिस इस मामले में सीधे कोई शिकायत दर्ज नहीं कर सकती। टीआई भूपेन्द्र सिंह मौर्य का कहना है कि आवेदक को पहले आबकारी विभाग में आवेदन देना होगा फिर वहां से आवेदन फारवर्ड होकर हमारे पास आएगा, हम मौका-मुआयना करके नुकसान का आकलन करके रिपोर्ट तैयार करके ही मामला दर्ज कर सकते हैं।
इनका कहना है…!

जहां अभी शराब की दुकान खुली है, वह स्थल उसके लिए निर्धारित नहीं है। महिलाओं से बातचीत के बाद सात दिन का समय दिया है। प्रशासन ने सारे दस्तावेज जांच कर सात दिन में निराकरण का आश्वासन दिया है।
डॉ.सीतासरन शर्मा, विस अध्यक्ष

आंदोलनकारी महिलाओं से बातचीत हुई है। स्पीकर साहब से बातचीत के बाद सात दिन में निर्णय का तय हुआ है। सात दिन में हम शराब दुकान के समस्त दस्तावेजों की जांच करने के बाद ही आगे की कार्यवाही कर पाएंगे।
अभिषेक गेहलोत, एसडीएम

मेरी ग्राम पंचायत में दुकान नहीं होना चाहिए। यह हम महिलाओं की सुरक्षा से खिलवाड़ है। गांव की बच्चियां इसी रास्ते से स्कूल कालेज जाती हैं, इस क्षेत्र में किसी हालत में दुकान नहीं खुलने दी जाएगी।
प्रीति पटेल, सरपंच ग्राम पंचायत सोनासांवरी

अचानक महिलाओं की भीड़ ने आकर दुकान में तोडफ़ोड़ शुरु कर दी। ऐसे में कुछ लोगों ने दुकान से बोतलें लेकर भागना भी शुरु कर दिया था। शुरुआती आकलन में हमें घटना में करीब दो लाख के नुकसान का अनुमान है।
रविन्दर सिंह, ठेकेदार

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