न्यू्ज अपडेट : तीन शामिल थे हत्याकांड में, चौथे ने खरीदा चोरी का माल

न्यू्ज अपडेट : तीन शामिल थे हत्याकांड में, चौथे ने खरीदा चोरी का माल

बहुचर्चित सुमति ताई की हत्या का खुलासा
इटारसी। पुलिस ने पांच माह पुराने सुमति ताई हत्याकांड का आज खुलासा कर दिया है। मामले में वारदात करने वाले तीन पुराने बदमाश और एक जेवर खरीदने वाले ज्वेलर्स को गिरफ्तार किया है। करीब पांच माह पुराने हत्याकांड में आरोपियों का मकसद चोरी का था, लेकिन सुमति ताई की नींद खुलने और विरोध करने पर आरोपियों ने उनकी हत्या कर दी। एडिशनल एसपी शशांक गर्ग ने बताया कि आरोपियों से चोरी के जेवर जब्त कर लिए हैं जो उन्होंने घटना के आठ दिन बाद छोटा सराफा क्षेत्र में स्थित नयनतारा ज्वेलर्स को बेचे थे। पुलिस ने संचालक वैभव पिता चंद्रकुमार खंडेलवाल को भी मामले में गिरफ्तार किया है।
बहुचर्चित हत्याकांड के बाद पुलिस के सामने बड़ी चुनौती थी। पुलिस ने लगातार और योजनाबद्ध काम करके इसमें सफलता प्राप्त की। इस दौरान मुखबिर, साइबर सेल की मदद, सीसीटीवी फुटेज व आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के रिकार्ड के आधार पर सफलता मिली है। एसआई अंजना भलावी, एएसआई संजय रघुवंशी, केएल रजक, आरक्षक राजेश, भागवेन्द्र, गुलशेर, प्रदीप और कैलाश की टीम ने संपूर्ण विवचेना उपरांत आरोपी प्रदीप पिता संतोष भाट, दिनेश उर्फ दिन्ना राजपूत, मोहित पिता सलिल भाट को गिरफ्तार किया। उनसे पूछताछ में उन्होंने अपराध कबूल किया।
ऐसे की थी घटना
आरोपी दिनेश उर्फ दिन्ना और मोहित भाट घटना स्थल के समीप ही शकील टेंट हाउस पर काम करते थे। इसी क्षेत्र में प्रदीप भी किसी ठेकेदार के यहां इलेक्ट्रिशियन का काम करता था। इन लोगों ने मोहल्ले की रैकी की और पता किया कि कौन, कहां, कैसे रहता है। घटना वाले दिन रात को नरेन्द्र मालवीय के घर में घटनास्थल पर पहुंचने के लिए सामने का चैनल गेट बंद होने से बगल वाले घर से छत से चढ़कर वहां घुसे थे। इससे पहले प्रदीप भाट ने खंभे से चढ़कर बिजली का कनेक्शन काट दिया था ताकि कमरे में अंधेरा हो जाए। इसके बाद दूसरे दिन कनेक्शन जोड़ भी दिया। चूंकि वह इसी क्षेत्र में यही काम करता था, इसलिए किसी को इस पर संदेह भी नहीं हुआ। ये लोग जब चोरी कर रहे थे तो उसी वक्त ताई की नींद खुल गई तो दिन्ना ने उनकी छाती पर बैठकर तकिया मुंह पर रखकर दबाया। लेकिन, ताई ने उसे भी हटा दिया और शोर मचाया तो किचिन से जाकर चाकू उठाकर गले पर वार कर खत्म कर दिया।
शातिर हैं आरोपी
आरोपी इतने शातिर हैं कि घटना के एक सप्ताह बाद प्रदीप और दिनेश चोरी के एक अपराध में जेल चले गए ताकि किसी को शक न हो। इसी तरह से मोहित भाट ने अपनी प्रेमिका के विवाद में खुद को आग से जलाकर अस्पताल में भर्ती हो गया। इन लोगों ने मामले में पुलिस जांच भटकाने के इरादे से लेडीज चप्पल पहनकर वारदात को अंजाम दिया ताकि पुलिस की जांच गलत दिशा में चली जाए।
ऐसे आए हाथ
इन लोगों ने पंजाबी मोहल्ला के पास एक व्यापारी की आंख में मिर्च झोंककर लूट का प्रयास किया था। आरोपियों ने सुमति ताई की आंख में भी मिर्च डाली थी। वारदात का तरीका एक सा जानकर इन पर निगरानी रखी, फिर एक के बाद एक कड़ी जुड़ती गई। इनके मोबाइल नंबर प्राप्त कर सायबर सेल से मदद ली तो पता चला कि घटना के वक्त इनका संपर्क हुआ था। इसके बाद ये लापता भी हो गए थे।
टीम के ये रहे प्रयास
थाना प्रभारी भूपेन्द्र सिंह मौर्य ने संकलित जानकारी से एसपी आशुतोष प्रताप सिंह और एएसपी शशांक गर्ग को अवगत कराया। उनसे मार्गदर्शन और एसडीओपी अनिल शर्मा से निर्देश प्राप्त कर टीम के सदस्यों ने संदेहियों को पकडऩे टीम को रवाना किया। दिनेश उर्फ दिन्ना को उसके जीजा के घर भोपाल से, प्रदीप भाट को उसके घर से तथा मोहित भाट को भी उसके निवास से ही गिरफ्तार किया है।
ये जेवर जब्त किए
पुलिस ने आरोपियों से बारीकी से पूछताछ की तो पहले वे इनकार करते रहे, लेकिन जब सख़्ती की गई तो तीनों ने स्वीकार कर लिया। उनकी बताई दुकान से दो नग कंगन, गले में पहनी सोने की चेन, अलमारी से निकाले चांदी की पूजा की थाली, चांदी का लोटा, चांदी की कटोरी, चांदी का चम्मच बरामद किया है।
किसकी थी क्या भूमिका
घटना में हालांकि सभी तीन आरोपी लिप्त हैं, लेकिन तीनों की भूमिका अलग-अलग थी। सबसे पहले इलेक्ट्रिशियन प्रदीप भाट ने खंभे पर चढ़कर ताई के घर का बिजली कनेक्शन काटा। ठंड के दिन थे और उस वक्त रात के 1.30 बजे थे। सीसीटीवी से बचने वे होटल वाली गली से घुसे थे। मोहित को पांच सौ रुपए के मेहनताने पर निगरानी के लिए रखा था। वह नीचे निगरानी पर था और दो ऊपर गए थे।
पुराने बदमाश हैं सभी
सुमति ताई हत्याकांड में शामिल आरोपी पुराने बदमाश हैं। ये लूट, चोरी और नकबजनी जैसे अपराधों में लिप्त रहे हैं। गांधीनगर निवासी अजय सिंह राजपूत के घर में भी तीन साल पहले इन लोगों ने चोरी की थी लेकिन ये दोषमुक्त हो गए थे। श्री राजपूत का कहना है कि उस वक्त उन्होंने तत्कालीन टीआई एचएन शर्मा के समक्ष अंदेशा व्यक्त किया था कि भविष्य में ये टीम बड़ी वारदात कर सकती है।
ईनाम की राशि मिलेगी
एएसपी शशांक गर्ग ने बताया कि पुलिस का घोषित ईनाम 25 हजार रुपए टीम में बांटा जाएगा। श्री दुर्गा नवग्रह मंदिर की समिति ने भी 21 हजार की राशि घोषित की थी। अध्यक्ष प्रमोद पगारे, उपाध्यक्ष अंशुल अग्रवाल, बबलू अग्रवाल ने कहा राशि पुलिस को दे दी जाएगी। पांडेय परिवार की ओर से भी श्रीमती शीलमणि पांडेय ने 51 सौ रुपए की राशि घोषित की गई थी जो जल्द ही दी जाएगी।

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