सोच बदल रही, लोग अच्छा खाना चाहते हैं : पांडेय

सोच बदल रही, लोग अच्छा खाना चाहते हैं : पांडेय

इटारसी। लोगों की अब सोच बदल रही है, वे अच्छा खाना चाहते हैं। पहले यह नहीं होता था। जब से खेतों में उत्पन्न रासायनिक अनाज, फल और सब्जियों से मानव जीवन को खतरा दिखा है, लोगों ने सोचना शुरु कर दिया कि जब हम जीवन शैली में ब्रांडेड चीजें, यानी अच्छी चीजें चाहते हैं तो फिर खाने की वस्तुओं पर खर्च करने में इतना क्यों सोचें? बस यही से लोगों ने जैविक की तरफ रुख किया है।
यह विचार प्रसिद्ध जैविक खेती विशेषज्ञ दशरथनंदन पांडेय ने व्यक्त किये। वे यहां इटारसी स्थित पहली लाइन में ग्राम सेवा समिति रोहना/निटाया के निर्देशन में लगने वाले साप्ताहिक जैविक बाजार में निरीक्षण करने आए थे। इस दौरान मीडियाकर्मियों ने उनसे बातचीत की। उन्होंने कहा कि यहां आकर बहुत अच्छा लगा। छोटे शहरों के लोग भी अब जैविक का महत्व समझने लगे हैं और बड़ी संख्या में किसान जैविक खेती की तरफ लौट रहे हैं। उन्होंने कहा कि जैविक उत्पाद महंगे नहीं हैं। यदि हम देखें कि रासायनिक खाद्य पदार्थ से हमारे स्वास्थ्य पर विपरीत असर हो रहा है और हम स्वस्थ रहने के लिए ज्यादा पैसा खर्च कर रहे हैं तो लगेगा कि जैविक खानपान महंगा नहीं है।

रसायनिक खानपान के बाद हम मेडिकल पर जितनी राशि खर्च करते हैं, उसकी तुलना में जैविक में हम कम ही खर्च करेंगे। उन्होंने कहा कि अभी जैविक का उत्पादन कम है, आगामी समय में इसका उत्पादन बढ़ेगा तो प्रतियोगिता बढ़ेगी और दाम और भी नीचे आएंगे।
श्री पांडेय ने कहा कि रासायनिक खाद और कीटनाशकों से मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी हो रही है, इससे न सिर्फ उपभोक्ता बल्कि किसान को भी खासा नुकसान है। किसान सीधे कीटनाशक के छिड़काव के वक्त इसके प्रभाव में आता है जो खतरनाक है। बाद में यही चीज उपभोक्ता तक पहुंचती है, और उसके स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डालती है। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे इसके नुकसान समझ रहे हैं और किसान जैविक की तरफ वापस आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेतों की मेढ़ खत्म हो रही है, पेड़ भी खत्म हो रहे हैं। हमें खेत की मेढ़ और उस पर पेड़ भी वापस लाने होंगे, क्योंकि यही प्रकृति का एयर कंडीशर है जो तापमान को मेंटेन रखता है। इस अवसर पर ग्राम सेवा समिति के संरक्षक कश्मीर सिंह उप्पल, हेमंत दुबे, संस्कार गौर, राजेश शामली, प्रतीक शर्मा, रामकृष्ण रघुवंशी, रूप सिंह राजपूत, नन्हेंलाल भाटी सहित अन्य किसान उपस्थित थे।

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