सोपास ने शिक्षा मंत्री को दिया ज्ञापन

निजी स्कूलों के मान्यता नियमों में शिथिलता की मांग

निजी स्कूलों के मान्यता नियमों में शिथिलता की मांग
इटारसी। सोसायटी फॉर प्राईवेट स्कूल डायरेक्टर्स मप्र ने प्रदेश के शिक्षा मंत्री को एक ज्ञापन देकर निजी स्कूलों के मान्यता नियमों में शिथिलता प्रदान करने की मांग की है।
संगठन के सदस्यों का कहना है कि निजी स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दे रहे हैं। उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम और उनमें दर्ज संख्या इसका सबूत हैं। शासन द्वारा बनाये नियमों जैसे 1 एकड़ भूमि की अनिवार्यता के कारण प्रदेश में संचालित 90 प्रतिशत निजी विद्यालयों को बंद करने की नौबत आ जायेगी। प्रदेया में ऐसे कई विद्यालय हंै जो शहरी क्षेत्र में संचालित हैं, जहां 1 एकड़ भूमि की उपलब्धता ही संभव नहीं है। जब ये स्कूल खुले थे तब भूमि और भवन हेतु जो अनिवार्यता थीं उस अनुसार ही स्कूल संचालित हो रहे हैं। सभी स्कूल संचालक इस असमंजस में हैं कि 5400 वर्गफीट से बढ़ाकर अचानक 1 एकड़ अर्थात 43,600 वर्ग फीट कर देना कहां तक न्यायोचित हैं। ऐसे विद्यालयों की संख्या 90 प्रतिशत से भी अधिक हैं जिनमें लाखों की संख्या में बच्चे अध्ययनरत हैं। यदि इन नियमों के कारण इतनी संख्या में विद्यालय बंद हुए तो शिक्षा की पूरी व्यवस्था बिगड़ जायेगी। यदि कुछ विद्यालयों ने 1 एकड़ भूमि की व्यवस्था कर भी ली तो उन्हें करोड़ों रुपए की आवश्यकता होगी जो वे बच्चों के पालकों पर आर्थिक बोझ डालकर वहन करने का प्रयास करेंगे जो किसी भी रूप में संभव नहीं होगा और शिक्षा सस्ती होने की अपेक्षा महंगी हो जाएगी।
ज्ञापन में कक्षा 1 से 8 तक के प्रदेश के लगभग 11000 विद्यालयों को मान्यता, नये नियम में माध्यमिक शिक्षा मंडल व लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा मान्यता हेतु शुल्क में की गई वृद्धि को वापस लेने, फम्र्स एवं सोसायटी की फीस में की गई पांच गुना वृद्धि को कम करन सहित अन्य मांगें हैं। ज्ञापन देने संगठन मंत्री रविशंकर राजपूत के साथ ब्लाक अध्यक्ष आलोक राजपूत, देवेंद्र मालवीय, राजेश दुबे, आशीष चटर्जी, डॉ.नसीम गनी एवं इटारसी के स्कूल संचालक उपस्थित थे।

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