स्वरोजगार की तरफ ध्यान केन्द्रित करना जरूरी : डॉ. शर्मा

स्वरोजगार की तरफ ध्यान केन्द्रित करना जरूरी : डॉ. शर्मा

उद्यमिता विकास कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम
इटारसी। शासकीय कन्या महाविद्यालय में स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के अंतर्गत सॉफ्ट टॉयज् प्रशिक्षण प्रारंभ किया। यह प्रशिक्षण 15 फरवरी तक चलेगा जिसमें 50 छात्राओं को नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। छात्राएं प्रशिक्षण प्राप्त कर भविष्य में अपना स्वरोजगार स्थापित कर सकती हैं। प्रशिक्षण अंतर्गत आज एक दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में विधान सभा अध्यक्ष, मप्र शासन डॉ. सीतासरन शर्मा थे। प्राचार्य डॉ. कुमकुम जैन ने अतिथियों का स्वागत किया। प्राचार्य ने स्वागत उद्बोधन में अतिथियों का आभार व्यक्त किया एवं स्वरोजगार के महŸव और जरूरत पर प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि डॉ. शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि वर्तमान विद्या से विनय भी नहीं आ पा रही है और न ही अर्थ सिद्धि हो पा रही है। ऐसी स्थिति में हमें स्वरोजगार की तरफ ध्यान केन्द्रित करके योजना बनाना बहुत जरूरी है। जिला उद्योग केन्द्र के सहायक प्रबंधक डीके मालवीय ने बताया कि वर्तमान में 50 हजार से 10 लाख तक का उद्योग स्थापित किया जा सकता है। विशेष अतिथि सेन्ट्रल बैंक के मैनेजर पीएल पण्डा ने बताया कि बैंक द्वारा पात्र हर व्यक्ति को ऋण की सुविधा प्राप्त है। लेकिन बैंक का उद्देश्य है कि व्यक्ति ऋण लेकर पैसों का उपयोग करे तथा लाभ अर्जित करें। ऐसे ही हितग्राही को बैंक ऋण देना चाहता है।
भारत कॉलिंग संस्था के संचालक संदीप मेहतो ने प्रोजेक्टर पर प्रस्तुति देते हुए दिखाया कि व्यापार और उद्योग में अंतर है। व्यापार में अधिक कमाने और लाभ का उद्देश्य होता है जबकि उद्योग में लाभ के साथ दूसरों को रोजगार उपलब्ध कराना तथा वस्तु निर्माण में नए प्रयोग करके लागत कम करने आदि की योजनाएं भी होती हैं।
श्री राजोरिया ने नए प्रकार से सोचने पर बल दिया औेर हमारे आस पास रोजगार की वस्तु तथा संभावनाओं को बढ़ावा देने की बात कही। उदाहरण देकर बताया कि जैसे बुदनी में खिलौनों का निर्माण और विक्रय होता है लेकिन वह स्थानीय स्तर तक ही सीमित है। इसी को नेट के माध्यम से बढ़ाया जा सकता है।
डॉ. कश्मीर उप्पल ने भी अपने विचार रखे। योजना प्रभारी डॉ. श्रीराम निवारिया ने शासन की योजना तथा प्रशिक्षण की आवश्यकता की जरूरत को स्पष्ट करते हुए छात्राओं द्वारा ध्यान देने की आवष्यकता पर बल दिया । मंच संचालन श्रीमती मीनाक्षी कोरी ने तथा आभार व्यक्त आनंद कुमार पारोचे ने किया। कार्यक्रम में श्रीमती हरप्रीत रंधावा, श्रीमती मंजरी अवस्थी, सुरेश मालवीय, श्रीमती पूनम राय, पुष्पा दवंड़े, सरिता मेहरा, सुषमा चौरसिया, कामधेनु पटौदिया, सोनम शर्मा, महेन्द्रिका मालवीय, चारू तिवारी, शिरीष परसाई, डॉ. पुनीत सक्सेना, डॉ. आशुतोष मालवीय, प्रियंक गोयल, अश्लेष कुमार नागले, हेमंत गोहिया, मनीष चौधरी, उमाशंकर धारकर, सोमेश राठौर एवं कार्यालय स्टॉफ उपस्थित थे।

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