बीओटी: तलघर को बंद कर दुर्घटना रोकने की कवायद

बीओटी: तलघर को बंद कर दुर्घटना रोकने की कवायद

विधायक ने अधिकारियों संग किया जर्जर ढांचे का निरीक्षण

इटारसी। नगर पालिका (Nagarpalika) के पुराने भवन के स्थान पर वर्षों से खड़े जर्जर भवन के नीचे भरे पानी और उससे होने वाली दुर्घटना को देखते हुए इसे भरकर समतल किया जाएगा। वर्षों पूर्व यहां प्रस्तावित कमर्शियल काम्पलेक्स में कई अड़चने आने के बाद इसका काम बंद था और नीचे तलघर में बारिशकाल (Rainy season) में भरे रहने वाले पानी में डूबकर कुछ लोगों की मौत भी हो चुकी हैं। इस तरह की दुर्घटनाएं अब न हों, इसके लिए इसे पूरी तरह से बंद करके समतल किया जाएगा। आज विधायक डॉ.सीतासरन शर्मा (MLA Dr. Sitasaran Sharma) ने अधिकारियों के साथ इस काम्पलेक्स का निरीक्षण किया और इसे भरने के निर्देश अधिकारियों को दिये हैं।

विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा के साथ एसडीओ राजस्व मदन सिंह रघुवंशी (SDO Revenue Madan Singh Raghuvanshi), मुख्य नगर पालिका अधिकारी हेमेश्वरी पटले (Chief Municipal Officer Hemeshwari Patle), भाजपा नेता जगदीश मालवीय (BJP leader Jagdish Malviya), पूर्व पार्षद भरत वर्मा (Former Councilor Bharat Verma), जसबीर सिंघ छाबड़ा (Jasbir Singh Chhabra), राकेश जाधव, भाजपा महामंत्री राहुल चौरे, प्रतीक शुक्ला, कुलदीप रघुवंशी, नगर पालिका के सब इंजीनियर आदित्य पांडेय ने इस जर्जर ढांचे का निरीक्षण कर इसे खतरनाक बताते हुए इसके नीचे बने गड्ढे को भरने की जरूरत बतायी ताकि आगे इसमें पानी न भरे और कोई दुर्घटना न हो।

वर्षों से खड़ा है अधूरा ढांचा
करीब 16 वर्ष से कमर्शियल काम्पलेक्स का काम अधूरा पड़ा है। वर्ष 2004-05 में इसकी स्वीकृति हुई थी और इसे बीओटी योजना के अंतर्गत बनना था। इसलिए इसकी पहचान ही बीओटी काम्पलेक्स के तौर पर हो गयी। भोपाल की एक कंपनी को काम मिला और कुछ काम होने के बाद काम बंद हो गया। मामला कोर्ट में भी पहुंच गया। इसके हल के लिए कई प्रयास हुए लेकिन कोई भी सफल नहीं हो सके। आज यह कचराघर बन गया है और इसके तलघर में भरा पानी लोगों की जान जोखिम में डाल रहा है।

वर्ष 2006 में लगी थी आपत्ति
बीओटी काम्पलेक्स का काम जब प्रगति पर था, वर्ष 2006 में यह जगह उस वक्त नजूल के आधिपत्य में थी और बिना जमीन का हस्तांतरण हुए नगर पालिका ने उस पर निर्माण एजेंसी से काम प्रारंभ करा दिया था। इसकी शिकायत तत्कालीन पार्षद शिवकिशोर रावत ने शासन से की थी और इसके बाद यहां काम बंद हो गया था, तभी से यह काम बंद है। बीते करीब सोलह वर्ष से यहां कोई काम नहीं हुआ और इससे सटे एक अन्य कमर्शियल काम्पलेक्स के लोगों को इससे परेशानी होने लगी।

यह थी योजना
वर्ष 2004-05 में स्वीकृति के बाद इसकी प्रोजेक्ट लागत उस वक्त 9 करोड़ 50 लाख थी। करीब 34 हजार 825 वर्गफुट में बनने वाले इस कमर्शियल काम्पलेक्स में प्रथम तल पर 151 दुकानें, द्वितीय तल पर 8 हॉल, तृतीय तल पर 8 हॉल बनने थे जबकि तलघर में पार्किंग होना थी। यही तलघर वर्तमान में सबसे अधिक परेशानी का सबब बना हुआ है। इसमें बारिश के दौरान पानी भर जाता है और फिर वह महीनों भरा रहता है। यही पानी रिसकर इससे सटे दूसरे काम्पलेक्स की दुकानों में जाता है जिससे वहां के व्यापारियों को परेशानी होती है। इस परेशानी का एकमात्र यही हल है कि इसके तलघर में मटेरियल डालकर इसे समतल कर दिया जाए, ताकि पानी नहीं भरे।

इनका कहना है…
बीओटी की योजना शासन ने निरस्त कर दी है। फिलहाल इसका कोई भविष्य नहीं है। हम इसके ढांचे में कोई छेड़छाड़ नहीं करने जा रहे बल्कि इसके तलघर में पानी भरने और दुर्घटना रोकने के लिए केवल इसे भरकर समतल कर रहे हैं। यही समस्या का तात्कालिक समाधान है, आगे भविष्य में कोई योजना होगी तो उस पर बात की जाएगी।
डॉ.सीतासरन शर्मा (Dr. Sitasaran Sharma, MLA)

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