मूक बधिर व मनोरोगी से छल करने वाले को 02 वर्ष कैद, 1000 रुपये अर्थदंड

मूक बधिर व मनोरोगी से छल करने वाले को 02 वर्ष कैद, 1000 रुपये अर्थदंड

नर्मदापुरम। पति की मौत के बाद मूक-बधिर पुत्र के नाम आयी करीब 10 एकड़ भूमि को उसके ससुर ने अपने बेटे और बहू के नाम कर ली। महिला ने मामले में शिकायत की जांच तत्कालीन नायब तहसीलदार (Naib Tehsildar) एसएल कोरी ने की थी। मामला बनखेड़ी (Bankhedi) का है। सहायक जिला लोक अभियोजना अधिकारी पिपरिया (Assistant District Public Prosecution Office Pipariya) चौधरी विक्रम सिंह के अनुसार अभियोजन की घटना संक्षेप में इस प्रकार है कि उमा बाई बेबा संजीव रघुवंशी ने थाना बनखेड़ी में इस आशय की रिपोर्ट (Report) लिखाई थी कि उसके पति संजीव रघुवंशी की दुर्घटना में मृत्यु हो जाने के कारण उसके मूक बधिर पुत्र सुभाष के नाम आयी हुई लगभग 10 एकड़ भूमि को उसके ससुर आरोपी पृथ्वी सिंह रघुवंशी ने नाबालिग सुभाष का बलि बनकर संबंधित 10 एकड़ जमीन को उसके लड़के विनोद तथा बहु भूरिया बाई के नाम रजिस्ट्री कर दी है।
उपरोक्त मामले में शिकायत की जांच तत्कालीन नायब तहसीलदार बनखेडी एसएल कोरी द्वारा करायी गई थी। उपरोक्त संबंध में जांच प्रतिवेदन में अपनी रिपोर्ट तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व आईएएस वी किरण गोपाल (Sub-Divisional Officer Revenue IAS V Kiran Gopal,) द्वारा द्वारा प्रतुत की गई थी। जिस पर पुलिस (Police) द्वारा अनुसंधान के पश्चात अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया।
न्यायालय में अभियोजन की ओर से चौधरी विक्रम सिंह, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी, पिपरिया के द्वारा सशक्त पैरवी की गई। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत तर्कों से सहमत होकर न्यायालय जेएमएफसी पिपरिया (Court JMFC Pipariya) ने आरोपी पृथ्वी सिंह रघुवंशी निवासी सीरावाड़ा को मूक बधिर तथा मनोरोगी अवयस्क सुभाष रघुवंशी को छल करने व संपत्ति हड़पने के आशय से सुभाष रघुवंशी की भूमि के विक्रय कर प्राप्त राशि के अपने उपयोग में संपरिवर्तित कर छल करने के आरोप में दोषी पाकर धारा 420 आइपीसी (IPC,) में दो वर्ष के करावास तथा 1000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

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AUTHORRohit

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