इटारसी। मध्यप्रदेश सर्वोदय मण्डल द्वारा गांधी भवन, भोपाल में आयोजित प्रांतीय सम्मेलन में सर्वसम्मति से नए संगठनात्मक ढांचे और कार्यकारिणी का विस्तार किया है। सम्मेलन में प्रदेश भर से जुटे सर्वोदय साथियों एवं लोक सेवकों की सहमति से वरिष्ठ गांधीवादी चिंतक चिन्मय मिश्र इन्दौर को पुनः मंडल का निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया है। अध्यक्ष पद का दायित्व संभालने के बाद श्री मिश्र ने वरिष्ठ साथियों से गहन विमर्श कर नई प्रांतीय इकाई, संभाग प्रभारियों और जिला प्रभारियों की आधिकारिक सूची जारी की है।
इस नई कार्यकारिणी में नर्मदापुरम संभाग और जिले को विशेष प्रतिनिधित्व दिया है। वरिष्ठ सर्वोदय साथी हेमंत दुबे जमानी नर्मदापुरम को मध्यप्रदेश सर्वोदय मण्डल की प्रांतीय कार्यसमिति में सदस्य मनोनीत किया गया है। वहीं, जिले में गांधीवादी रचनात्मक कार्यों और सर्वोदय आंदोलन को गति देने के लिए राजेश सामले को नर्मदापुरम का जिला अध्यक्ष एवं जिला संयोजक नियुक्त किया गया है।
वरिष्ठों को मिला विशेष स्थान और संस्थागत समन्वय
संगठन को वैचारिक मार्गदर्शन देने के लिए वरिष्ठ गांधीवादी केएस उप्पल तथा सुश्री गीता श्रीवास्तव को प्रदेश इकाई में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया है। इसके साथ ही, क्षेत्र की प्रतिष्ठित संस्था ग्राम सेवा समिति निटाया, नर्मदापुरम को मण्डल में पदेन स्थाई आमंत्रित सदस्य के रूप में जोड़कर संस्थागत समन्वय को और मजबूत किया गया है।
प्रमुख प्रांतीय पदाधिकारी
अध्यक्ष चिन्मय मिश्र इंदौर, उपाध्यक्ष श्रीमती दमयंती पानी छतरपुर, रामदुलारे पाठक मुरैना, शिवकांत त्रिपाठी अनूपपुर, दिलीप तायडे बुरहानपुर, महामंत्री अंकित मिश्रा भोपाल, मंत्री व संगठन मंत्री बलराम सेन सतना मंत्री, मोहन दीक्षित विदिशा संगठन मंत्री, सुश्री कलावती भोपाल सहमंत्री, नरेंद्र ठाकुर विदिशा कार्यालय मंत्री।
संभाग एवं जिला नियुक्तियां
आंदोलन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने के लिए पांच संभाग प्रभारियों और विभिन्न जिलों के संयोजकों की घोषणा की गई है, जिसमें बड़वानी से धु्रवराज उरकुड़े, छतरपुर से श्रीमती स्मिता जैन और विदिशा से विनोद पटेरिया शामिल हैं। इसके अलावा प्रदेश के युवाओं को सर्वोदय संगठन शिल्पी के रूप में बड़ी संख्या में सांगठनिक जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नवनियुक्त प्रांतीय अध्यक्ष चिन्मय मिश्र ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए आह्वान किया है कि सभी साथी मिलकर जय जगत के सूत्र को आत्मसात कर गांधी जी के सेवा और स्वावलंबन के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेंगे।











