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आचार्य समय सागर महाराज के साथ 19 मुनि इटारसी आए,   4 किमी के रास्ते में लहराए धर्म ध्वज, भव्य अगवानी  

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  • भोपाल में आचार्य श्री के वर्षायोग की घोषणा 

इटारसी। 1999 में आचार्य विद्यासागर महाराज के चरण इटारसी की धरती पर पड़े थे। अब ढाई दशक बाद आचार्य समय सागर महाराज का नगर आगमन हुआ। उनके साथ संघ में 19 मुनि हैं। रविवार को आचार्य संघ ने जैसे ही शहर की सीमा में मंगल प्रवेश किया, उनकी भव्य अगवानी हुई। पूरा वातावरण जयघोष से गूंज उठा। 4 किमी के रास्ते में धर्म ध्वज लहरा रहे थे। जगह-जगह स्वागत द्वार लगे। श्रावकों ने मार्ग पर जलपात्र रखकर मुनियों के चरण धोए। विभिन्न समाज और संगठनों ने आचार्य संघ की अगवानी की। 

आचार्य श्री रविवार की सुबह पथरौटा के एक गार्डन में मुनियों के साथ रुके। उनके दर्शन के लिए इटारसी सहित भोपाल, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नरसिंहपुर व अन्य जिलों से धर्मावलंबी आए। दोपहर सवा तीन बजे मुनि संघ ने पैदल विहार शुरू किया। यात्रा में अश्व पर सवार बच्चे ध्वज थामे हुए थे। शोभायात्रा में बैंड बाजों के साथ 11 घोड़े व 2 ऊंट चल रहे थे। एक कृत्रिम हाथी भी था। अश्व बने कलाकारों ने नृत्य की प्रस्तुति की। मार्ग में स्वयंसेवक और पुलिसकर्मी यातायात व्यवस्था संभाल रहे थे।

शाम सवा चार बजे पुरानी इटारसी के एसबीआई चौराहे पर दर्शन के लिए इतनी भीड़ उमड़ी की यातायात को हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से डायवर्ट करना पड़ा। मंच पर आर्यिका भावनामति, सदयमति व भक्तिमति सहित ब्रह्मचारी बहनों ने आचार्य श्री की परिक्रमा की। भगवान शांतिनाथ जिनालय, आदिनाथ मंदिर पार्श्वनाथ मंदिर, महावीर जिनालय, श्वेतांबर श्रीसंघ, तारण तरण चैत्यालय के सदस्यों और हिंदू समाज संगठन के महिला मंडल ने इसमें हिस्सा लिया। 

संघ की यात्रा ओवरब्रिज होते हुए पहली लाइन के श्री पार्श्वनाथ जैन मंदिर पहुंची जहां आचार्य श्री और मुनियों ने भगवान के दर्शन किए। दर्शन के बाद आचार्य श्री लाइन एरिया होते हुए न्यास कॉलोनी में जैन समाज के कीर्ति स्तंभ के पास महावीर परिसर में पहुंचे, जहां उनके मंगल प्रवचन हुए। समिति अध्यक्ष अनिल जैन व संरक्षक मुकेश जैन को श्रीफल अर्पित करने व पाद प्रक्षालन का सौभाग्य मिला। मंच से घोषणा की गई की आचार्य श्री संघ का चातुर्मास राजधानी भोपाल में होगा। समिति प्रवक्ता शैलेष जैन ने बताया सोमवार 13 जुलाई की सुबह 8.45 बजे महावीर परिसर में पूजन और प्रवचन होंगे। फिर आहारचर्या के लिए आचार्य श्री और मुनिगण निकलेंगे। 

आचार्यश्री के संघ में हैं ये 19 मुनि

मुनि विनीत सागर, चंद्रप्रभ सागर, प्रशस्त सागर, मल्लिसागर, आनंद सागर निग्रंथ सागर, निभ्रंति सागर, निरालस सागर, निश्रव सागर, निशंक सागर, निर्लेप सागर, औचित्य सागर, गहन सागर, कैबल्य सागर, सुदृढ़ सागर, समुचित सागर, उचित सागर, अथाह सागर, अमाप सागर। 

Manju Thakur

मंजू ठाकुर वरिष्ठ पत्रकार एवं Narmadanchal.com के संस्थापक-संपादक हैं। वे वर्ष 2004 से नर्मदांचल क्षेत्र और मध्य प्रदेश की स्थानीय, सामाजिक, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़ी खबरों का संपादन और प्रकाशन कर रही हैं। उन्होंने बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल से संस्कृत में स्नातकोत्तर, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक तथा डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर से लोक प्रशासन में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है। पत्रकारिता के साथ-साथ वे डिजिटल मीडिया, समाचार संपादन एवं सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी अनुभव रखती हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुँचाना है।

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