- मुंबई-आगरा हाईवे के पुल पर हुआ गहरा गड्ढा
- पाइपलाइन के पास से लगातार सरक रही मिट्टी
- पुल से दिन-रात दौड़ रहे हैं सैंकड़ों भारी वाहन
सिवनी मालवा। अफसरों की घोर लापरवाही और सुस्त प्रशासनिक रवैये के कारण नर्मदापुरम-हरदा मुख्य मार्ग पर स्थित भीलटदेव लुगची नदी का पुल इस समय ‘मौत का लाइव प्वाइंट’ बना हुआ है।
नेशनल हाईवे पर पुल के एक हिस्से में सड़क बुरी तरह धंस चुकी है और एक बड़ा व गहरा गड्ढा राहगीरों को लीलने के लिए तैयार खड़ा है। मुंबई-आगरा हाईवे का हिस्सा होने के कारण इस मार्ग पर दिन-रात भारी वाहनों का दबाव रहता है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़ी जनहानि या वीभत्स हादसे का इंतजार कर रहे हैं।
पाइपलाइन से सरक रही मिट्टी, खोखला हो रहा पुल
स्थानीय नागरिक दीपक ने बताया कि पुल के एक हिस्से में सड़क की हालत बेहद खस्ता हो चुकी है। वहां से गुजरी पाइपलाइन के बाजू से मिट्टी लगातार नीचे सरक रही है, जिससे पुल का अंदरूनी हिस्सा खोखला हो रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग कुंभकरणी नींद सोया हुआ है। वर्तमान में मानसून के बाद से यह मिट्टी और अधिक तेजी से ढह रही है, जिससे सड़क का बड़ा हिस्सा कभी भी जमींदोज हो सकता है।
रात के अंधेरे में ‘अदृश्य’ हो जाता है मौत का गड्ढा
यह हाईवे क्षेत्र के किसानों और आम चालकों के लिए लाइफलाइन है। वर्तमान में रोजाना सैकड़ों किसान अपनी उपज लेकर मंडी जा रहे हैं। ट्रक ड्राइवरों का कहना है कि रात के समय यह गहरा गड्ढा अचानक सामने आता है, जिससे तेज रफ्तार भारी वाहनों के पलटने का खतरा हर पल बना रहता है। दोपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा रिस्क पर हैं, मिट्टी सरकने के कारण पुल की सतह पर फिसलन है, जिससे कई बाइक सवार अब तक गिरकर चोटिल हो चुके हैं और बाल-बाल बचे हैं।
सिस्टम के अंधेपन पर तीखे सवाल
अजीब विडंबना है कि जिस हाईवे पर रोज वीआईपी और अफसरों की गाडिय़ां सरपट दौड़ती हैं, वहां महीनों से यह जानलेवा गड्ढा खुला पड़ा है। स्थानीय निवासी मोनू का कहना है कि अधिकारी सब कुछ जानकर भी अनजान बने हुए हैं। क्या विभाग तभी जागेगा जब इस गड्ढे में गिरकर किसी मासूम की जान चली जाएगी? बिना चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग के इस गड्ढे को खुला छोडऩा सीधे तौर पर जनता की जान से खिलवाड़ है।
तत्काल हो मरम्मत और बैरिकेडिंग
निकलने वाले राहगीरों, वाहन चालकों और क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि किसी बड़ी दुर्घटना से पहले इस धंसे हुए हिस्से की तत्काल तकनीकी मरम्मत कराई जाए। जब तक काम शुरू नहीं होता, तब तक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए इस जगह पर तत्काल मजबूत बैरिकेडिंग की जाए और दोनों तरफ रिफ्लेक्टर वाले चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। यदि शीघ्र ही पीडब्ल्यूडी या नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने सुध नहीं ली, तो यहां होने वाले किसी भी हादसे की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।











