Corona: लापरवाही से बढ़ रही कोरोना Corona मरीजों की संख्या

Corona: लापरवाही से बढ़ रही कोरोना Corona मरीजों की संख्या

कोरोना की चेन तोड़ने विचार की जरूरत

इटारसी। अनलॉक(Unlock) की प्रक्रिया के बाद से लगातार इटारसी शहर(Itarsi City) में कोरोना पॉजिटिव(Corona positive) की संख्या में वृद्धि हो रही है। जिले में सबसे ज्यादा मरीज इटारसी में ही मिल रहे हैं। जाहिर है यहां लोग शासन के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। आज भी इटारसी में कोरोनावायरस(Corona Virus) से संक्रमित 32 मरीज मिले हैं। सिविल अस्पताल(Civil Hospital) में आज 105 सैंपल लिए गए हैं। रविवार को मिशन खेड़ा, पंजाबी मोहल्ला, मालवीयगंज, सतपुड़ा कॉलोनी, दीवान कॉलोनी, पुरानी इटारसी, न्यास कॉलोनी, 11वीं लाइन, देशबंधुपुरा, साईनाथ बेकरी, गांधीनगर, नयायार्ड सहित अन्य स्थानों के मरीज मिले हैं।

कहां कितने मिले
स्थान- पाॅजिटिव संख्या
न्यास काॅलोनी-1
एलकेजी काॅलोनी-1
पुरानी इटारसी-1
सांई नाथ बैकरी-1
11वी लाइन-3
दीवान काॅलोनी-2
गांधी नगर-1
न्यू यार्ड-1
सिंधी काॅलोनी-1
बैंक काॅलोनी-1
मालवीयगंज-3
शिवाजी काॅलोनी-1
सीपी ईटारसी-1
सतपुडा काॅलोनी-03
गुरू गोविंद नगर-1
खेडा इटारसी-3
पंजाबी मोहल्ला-4

यह बने नए कंटेनमेंट जोन
एलकेजी काॅलोनी, सांई नाथ बैकरी, 11वी लाइन, दीवान काॅलोनी, गांधी नगर, मालवीय काॅलोनी न्यू यार्ड, सिंधी काॅलोनी, बैंक काॅलोनी, रैदास नगर, पहली लाइन, न्यू गरीबी लाइन है।

कोरोना की चेन तोड़ने विचार की जरूरत
जिले में यदि कहीं कोरोनावायरस सबसे पहले आया तो वह इटारसी शहर था। दूसरा दौर जब शुरू हुआ तब होशंगाबाद में मरीज मिले थे। हालांकि यह मरीज भोपाल के रहने वाले बैंक कर्मी थे। फिर जब अनलॉक शुरू हुआ तो लोगों ने इसे बहुत गंभीरता से ना लेते हुए इतना लापरवाही भरा रवैया अपनाया कि पूरे जिले में हर ब्लॉक में कोरोना के मरीज मिलना शुरू हुए। बात यहीं तक होती तो भी ठीक थी, लेकिन यहां भी सबसे ज्यादा मरीज इटारसी शहर में ही मिल रहे हैं। पिछले करीब 1 सप्ताह से हालात इतने खराब हैं की चिंता करने की जरूरत हो गई है। हर रोज 2 दर्जन से अधिक मरीज मिल रहे हैं। बावजूद इसके बाजार में किसी प्रकार की सावधानी दिखाई नहीं देती। ना तो ग्राहक मास्क लगाकर आ रहे थे, न दुकानदारों ने मास्क लगाकर रखा। और तो और सोशल डिस्टेंसिंग जैसी चीजें कहीं दिखाई नहीं दी। यदि किसी ने मास्क लगाया तो वह सिर्फ गले में लटका रहा। यह रही नागरिकों की लापरवाही। अब यदि बात करें प्रशासन की तो अनलॉक प्रक्रिया शुरू होने के बाद प्रशासन मैदान से पूरी तरह लापता हो गया। न पुलिस ने ध्यान दिया, ना नगरपालिका ने और ना ही राजस्व विभाग ने। व्यापारियों ने हमेशा सवाल उठाया है कि उन पर उंगलियां उठाई जाती है। लेकिन यह सिर्फ एक किसी वर्ग की बात नहीं। इसमें सभी बेफिक्र से दिखाई दिए। व्यापारियों ने शासन के उस निर्देश का पालन नहीं किया जिसमें कहा गया था कि बिना मास्क लगाए यदि कोई आता है तो उसे माल नहीं दिया जाए। यहां व्यापारियों ने व्यवसायिक मजबूरी दिखाई। यदि वे नहीं देंगे तो दूसरा दुकानदार देगा। ग्राहक ने जागरूकता नहीं दिखाई। उसे लगा कि अब सब कुछ सामान्य हो गया है और लगातार बढ़ रहे प्रकरणों के बावजूद कोई भी अपनी जिम्मेदारी को निभाना नहीं चाह रहा। हर एक को लग रहा है कि यह जिम्मेदारी प्रशासन की है। हम अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं। आखिरकार प्रशासन को फिर मैदान में आना पड़ रहा है। इन परिस्थितियों में हमें विचार करने की जरूरत है कि आखिर इटारसी शहर में ही मरीज क्यों बढ़ रहे हैं? क्या हमने इसे लापरवाही से लिया है? क्या हमें सावधानी रखने की जरूरत है? क्यों हमें प्रशासन के डंडे की जरूरत पड़ रही है? क्यों बाजार 2 दिन बंद रखने की जरूरत पड़ी? जबकि हमारे शहर से ज्यादा अन्य शहरों में मार्केट खोल रहे हैं, लेकिन वहां मरीजों की इतनी तादाद नहीं है। सिर्फ अस्पताल में व्यवस्था नहीं होने से मरीज बढ़ रहे हैं, यह कहना सही नहीं होगा, क्योंकि मरीज अस्पताल जाकर नहीं बढ़ रहे हैं, बल्कि एक दूसरे के संपर्क में आने से बढ़ रहे हैं। यदि हम मास्क लगाकर रखेंगे, एक दूसरे से दूरी बनाकर रखेंगे, भीड़ भरे क्षेत्रों में जाने से बचेंगे, बिना वजह बाजार में घूमने से परहेज करेंगे तो हम इस चेन को तोड़ सकते हैं। विचार करने की जरूरत है, किसी पर आरोप लगाने और सिर्फ दूसरों को दोष देने से बेहतर है, हम पहले खुद को बदलेंगे, तभी समाज को बदल पाएंगे।।

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