इटारसी। आज विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर शासकीय एमजीएम कालेज में विद्यार्थियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलायी गयी। प्राचार्य डॉ राकेश मेहता के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय सेवा योजना एवं राष्ट्रीय कैडेट कोर यूनिट के संयुक्त तत्वावधान में महाविद्यालय में नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत विश्व तंबाकू निषेध दिवस का आयोजन किया।
प्राचार्य डॉ राकेश मेहता ने स्टॉफ एवं विद्यार्थियों को तंबाकू एवं अन्य मादक पदार्थों के सेवन न करने की शपथ दिलाई। प्राचार्य ने तंबाकू एवं तंबाकू से बने अन्य मादक पदार्थ से होने वाले हानिकारक प्रभाव के बारे में विस्तार से बताया कि किस प्रकार तंबाकू की खेती से कई हेक्टेयर जमीन एवं पानी की बर्बादी होती है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन पर बहनों को भाईयों से एक बुराई का दान लेना चाहिए जैसे किसी को क्रोध आए तो क्रोध त्यागने का दान, कोई बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू, शराब आदि का सेवन करता है तो इन बुराइयों को त्यागने का दान। इस प्रकार एक सामाजिक त्योहार, किस प्रकार बुराइयों को छोडऩे में मददगार हो सकता है।
कार्यक्रम में डॉ मुकेश जोठे सहा प्राध्यापक भौतिक शास्त्र विभाग ने तंबाकू एवं तंबाकू से होने वाली बीमारियों के बारे में बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों को सभी प्रकार के नशे से दूर रहना चाहिए। किस प्रकार एक व्यक्ति के सुधरने से एक परिवार सुधरता है, परिवार के सुधरने से एक मोहल्ला सुधरता है और एक मोहल्ले के सुधरने से एक पूरा गांव सुधरता है। इस अवसर पर गणित विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ रश्मि तिवारी ने बच्चों को युवा शक्ति के बारे में बताते हुए कहा कि वे न सिर्फ स्वयं भी नशे से दूर रहे बल्कि औरों को भी नशे से दूरी बनाने के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने बताया कि मादक पदार्थों के सेवन से गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, हार्ट अटैक आदि का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ आशुतोष मालवीय ने किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय कैडेट कोर अधिकारी डॉ मनीष कुमार चौरे, डॉ रश्मि तिवारी, डॉ वीके कृष्णा, डॉ जेपी चौरे, सुरेश गुप्ता, डॉ बस्सा, डॉ पीके अग्रवाल, डॉ एमके जोठे एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।











