आत्मरक्षा का संदेश देता है बौद्ध धम्म: महाथेरो

आत्मरक्षा का संदेश देता है बौद्ध धम्म: महाथेरो

प्रज्ञा बौद्ध विहार (Pragya Bauddh Vihara) में एकदिवसीय अन्वेषण शिविर का आयोजन

इटारसी। भारत में शांति, सद्भावना, अहिंसा एवं सत्य का सन्मार्ग देते हुए बौद्ध भिक्षु भदंत विनय रक्खित महाथेरो का 8 नवंबर 2020 को शहर में आगमन हुआ। करुणा बौद्ध विहार के कार्यकर्ताओं ने रेलवे यूनियन कार्यालय के सामने पुष्पगुच्छ देकर एवं पुष्प वर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया।
नयायार्ड प्रज्ञा बौद्ध विहार (Pragya Bodhha Vihar) में एक दिवसीय सत्य अन्वेषण शिविर में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होने आए। सर्वप्रथम प्रात: 10 बजे रमाबाई महिला मंडल द्वारा सामूहिक बुद्ध वंदना की। बौद्ध भिक्षु ने सत्य अन्वेषण शिविर में बताया कि बौद्ध धम्म के बारे में कई भ्रांतियां फैली हुई हैं, उसे दूर करने की आवश्यकता है। बौद्ध धम्म हिंसा एवं अहिंसा का संदेश नहीं देता। आत्मरक्षा का संदेश देता है। गौतम बुद्ध ने बौद्ध भिक्षु पर हो रहे अत्याचार को देखते हुए उपदेश दिया था कि बौद्ध भिक्षु की रक्षा की जिम्मेदारी राज्य का राजा या वहां की प्रजा द्वारा की होती है। ऐसा ना होने की स्थिति में आत्मरक्षा के लिए जूडो कराटे का प्रशिक्षण बौद्ध भिक्षु को दिया जाता है। शिक्षा केवल डिग्री तक ही सीमित हो गई है, डिग्रियां नौकरी के लिए और नौकरी परिवार एवं सुख सुविधा के लिए। इसमें समाज और देश नहीं है। हमें शिक्षा प्राप्त करने का मुख्य उद्देश्य विश्लेषण, तुलना, आचरण एवं देश की उन्नति के लिए किया जाना चाहिए।

मिलिंद बौद्ध संचालक (Milind Bouddh sanchalak) परिवार धम्म संगोष्ठी एवं बैतूल एसबीआई बैंक मैनेजर (SBI Bank Manager) ने उद्बोधन में कहा कि परिवार को इस तरह से आचरण करना चाहिए जिसमें घर में सुख शांति बनी रहे। एलपी मंडलेकर (LP Mandlekar), राष्ट्रीय ध्यान प्रशिक्षक द्वारा ध्यान को एकाग्र करने के मूल मंत्र दिए, साथ ही 30 मिनट का साधना करने का सरल तरीका भी बताया। इस कार्यक्रम के सूत्रधार प्रकाश उबनारे ने मंच का संचालन किया। इस मौके पर समिति अध्यक्ष रामदास निकम (Committee President Ramdas Nikam), सचिव गनु तायड़े (Secretary ganu tayede), कोषाध्यक्ष बब्बन साठे, प्रवक्ता सुनील डोंगरे, राजेश निकम, नितिन पाईकराओ एवं बड़ी संख्या में बौद्ध उपासक एवं उपासिकाये शामिल हुए।

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