प्रश्न नही है हल है कविता- डॉ. निगम

प्रश्न नही है हल है कविता- डॉ. निगम

होशंगाबाद। नर्मदा आव्हान सेवा समिति होशंगाबाद व्दारा आनलाइन कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें देश के विभिन्न अंचलों से आंमत्रित कवियों ने ओज, हास्य, व्यंग्य की कविता प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी। होशंगाबाद की रक्षा पुरोहित की सुमधुर कोकिलकंठी स्वर के साथ सरस्वती वंदना से कवि सम्मेलन शुभारंभ हुआ। कवि सम्मेलन मे वरिष्ठ कवि डाँ. विनोद निगम ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा की “प्रश्न नही है हल है कविता”। सिवनी के मुकेश मनमौजी के कहा की “इधर से टूटा है उधर से फूटा है,ये मेरा हिंदुस्तान है ,इसे भ्रष्ट नेताओं ने लूटा है”।

कवि सम्मेलन को उँचाई प्रदान करते हुए अंजू मल्होत्रा दिल्ली ने “प्रेम मेरा समर्पित तुम्हारे लिए दुनिया की मुझे अब ज़रूरत नहीं। चाँद तुम बन गए, चाँदनी मैं हुई अब किसी रोशनी की ज़रूरत नहीं”।लखनऊ की वर्षा श्रीवास्तव ने कहा कि “इल्तिज़ा तुझसे यही है,इतनी शक्ति दे ख़ुदा घुट के कोई सांस यूहीं मर न जाए ऐ ख़ुदा”।

कवि सम्मेलन का कुशल संचालन करते हुए रक्षा पुरोहित होशंगाबाद ने “।धौलपुर के पवन शर्मा ने कहा की “अपने लॉक को अब तो खुल बादो मोदी जी।रोज रोज के झंझट से अब हमें बचा लो मोदी जी”।होशंगाबाद की निशा डाले ने कहा की “जो लाल रंग से डरते थे,अब लहू से नहाते है।जो चिंगारी से डरते थे,अब लोंगों के घर जलाते है”। सहित अन्य कवियों से प्रस्तुति दी। इस अवसर पर ग्रुप के पटल पर
अनेक लोग उपस्थित रहे। अंत मे आभार प्रर्दशन समिति के प्रमुख किशोर केप्टन करैया ने किया।

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