तीन वर्ष में नहीं बनी महज ढाई किमी की रोड (Road)

तीन वर्ष में नहीं बनी महज ढाई किमी की रोड (Road)

– वर्ष 2017-18 में स्वीकृत हुई थी सड़क

– ठेकेदार (Contractor) ने सिर्फ मुरमीकरण का काम किया

– किये काम का भुगतान (Bhuktaan) नहीं मिलने से रुका काम

इटारसी। नयायार्ड मुक्तिधाम (Nayyard Muktidham) से गोंची तरोंदा (Gonchi Taronda) तक करीब ढाई किलोमीटर का काम तीन वर्ष में भी पूर्ण नहीं हो सका है। यह काम सत्र 2017-18 में स्वीकृत हुआ था। ठेकेदार ने सड़क (Road) पर मुरमीकरण कर बैस तैयार किया और फिर भुगतान नहीं होने से काम बंद कर दिया। करीब चार माह पूर्व 13 से 16 जून तक इस मार्ग को बंद करके डामर के साथ जो गिट्टी बिछायी थी, वह लगातार वाहनों के चलने से उधड़ गई और रोड पर फिर धूल उडऩे लगी है। लोक निर्माण विभाग इस ढाई किलोमीटर के मार्ग के लिए न तो भुगतान कर पा रहा है और ना ही ठेकेदार पर दबाव डाल पा रहा। जब भी सवाल उठते हैं तो अधिकारियों का एक ही जवाब होता है कि ठेकेदार को नोटिस दिया है। अब विभाग के एसडीओ (SDO) कहते हैं कि हमने रिपोर्ट भेज दी है, ठेका निरस्त करने की कार्रवाई एक्जीक्यूटिव इंजीनियर (Executive engineer) करते हैं।

विगत 13 जून को गोंची तरोंदा-मेहरागांव मार्ग (Gonchi Taronda-Mehragaon Road) पर ठेकेदार ने काम प्रारंभ किया था और इसके लिए तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व से चार दिन रोड बंद करने की अनुमति भी मिली थी। उस दौरान रोलर भी चला और डामर की हल्की परत बिछाकर कुछ गिट्टियां भी डालीं थी, लेकिन वह गिट्टी कहां गयीं, पता नहीं चला। आज रोड पर इतनी धूल उड़ती है कि निकलना भी मुश्किल होता है।

भुगतान में देरी की बात स्वीकारी
विगत तीन वर्ष से अधिक समय से रोड का काम पूरा नहीं होने के पीछे ठेकेदार का कहना है कि उसका भुगतान रुका है तो इस बात को खुद अधिकारी भी स्वीकार कर रहे हैं। एसडीओ का कहना है कि हमने रिपोर्ट बनाकर भेज दी है, जब पैसा आएगा, भुगतान हो जाएगा। कब तक होगा, इसका जवाब उनके पास नहीं है।

बीस वर्ष पूर्व बनी थी यह सड़क
यह सड़क करीब दो दशक पूर्व तब बनी थी जब सिवनी मालवा के तत्कालीन विधायक हजारीलाल रघुवंशी पीडब्ल्यूडी मंत्री थे। दो-तीन बार टेंडर हुए पर कोई काम करने नहीं आया। पूर्व मंत्री विजय दुबे के भाई अभय दुबे को डब्ल्यूबीएम मरम्मत व डामरीकरण करने का 58 लाख रुपए का ठेका मिला।

दो बार शॉर्ट पेमेंट
पीडब्ल्यूडी के एसडीओ आरएस विश्वकर्मा ने स्वीकार किया कि भुगतान में देरी हुई किंतु स्लो काम करने पर नोटिस भी दिए गए। विभाग तो यही चाहता है कि कोई भी निर्माण कार्य इतना लेट न हो। उन्होंने कहा कि हमने तो रिपोर्ट बनाकर भेज दी है, अब जब भी राशि आएगी तो ठेकेदार को भुगतान मिल जाएगा।

ऐसे आयी निर्माण में बाधा
पहले इस मार्ग के अतिक्रमण के कारण काम में देरी हुई। ठेकेदार ने सड़क बनानी शुरू की। गिट्टी व मुरम डालकर सड़क लेवल की। इसके बाद ठेकेदार को विभाग से राशि नहीं मिली तो ठेकेदार ने डामरीकरण का कार्य रोक दिया। काम दोबारा चालू हुआ तो गेहूं का परिवहन होने से डामरीकरण नहीं हो पाया।

दर्जनों गांव के लोग परेशान
इस रोड के निर्माण हो रही देरी से एक दर्जन गांव के लोग परेशान हैं। तीन साल में ढाई किमी सड़क पूरी नहीं होने से करीब 10 हजार ग्रामीण हो परेशान हो रहे हैं। अफसरों की लापरवाही से काम रुका है और कई ग्रामीण सड़कों की हालत खराब है। भुगतान अटकने से हो रही देरी और ग्रामीणों को दिक्कत हो रही है।

रोड पर है अधिक दबाव
जमानी रोड से जुडऩे वाले इस मार्ग पर भारी वाहनों का दबाव ज्यादा है। इंडियन ऑयल डिपो के टैंकर, एफसीआई के ट्रक जुझारपुर, गौंची तरोंदा से न्यूयार्ड मुक्तिधाम होते हुए शहर की तरफ आते हैं, जबकि रेलवे ने खुद के रास्ते पर बैरियर लगा रखे हैं। बजरी और मुरम के डंपरों का आना-जाना भी चलता है।

इनका कहना है…
मार्ग पर गिट्टी, मुरम का काम हो गया है, 15 सेंटीमीटर गिट्टी का काम हो गया और उसका भुगतान भी हो गया है। शेष काम के लिए ठेकेदार को नोटिस दे रहे हैं। यदि काम प्रारंभ नहीं हुआ तो ठेका निरस्त करने की कार्रवाई करायी जाएगी। यह ईई के अधिकार क्षेत्र में आता है।
आरएस विश्वकर्मा (RS Vishwakarma, SDO Seoni Malwa)

हमारी इस मामले में ठेकेदार अभय दुबे से बात हुई है। वे परसों से काम प्रारंभ करने का कह रहे हैं। अब तक आधा दर्जन से अधिक नोटिस दिये जा चुके हैं। बारिश के कारण काम में देरी हुई है। जल्द काम प्रारंभ कराया जाएगा।
आरएन दुबे (RN Dubey, Sub Engineer PWD Seoni Malwa)

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