इटारसी। उच्च शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश शासन और बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के निर्देशानुसार, शासकीय महात्मा गांधी स्मृति स्नातकोत्तर महाविद्यालय इटारसी में 1 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाई द्वारा नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए अभिमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रेरणा पुरुष स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया गया। प्राचार्य डॉ. राकेश मेहता ने एनएसएस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होता है। उन्होंने ओरिएंटेशन प्रोग्राम के शाब्दिक अर्थ को स्पष्ट करते हुए बताया कि इसका उद्देश्य युवाओं को सही दिशा दिखाना है। उन्होंने ओडिशा के कोणार्क सूर्य मंदिर के रथ चक्र पर आधारित राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रतीक चिन्ह के बारे में भी जानकारी दी।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आशुतोष मालवीय ने बताया कि भारत सरकार ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जन्म शताब्दी वर्ष 1969 में एनएसएस की शुरुआत इस उद्देश्य से की थी कि उच्च शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी, चेतना और श्रम के प्रति सम्मान की भावना विकसित हो। उन्होंने स्वयंसेवकों के परस्पर अभिवादन जय हिंद और एनएसएस के सिद्धांत वाक्य स्वयं से पहले आप पर भी बात की। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना का मूल उद्देश्य समाज सेवा द्वारा विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का विकास भी समझाया।
पूर्व कार्यक्रम अधिकारी डॉ. एमके जोठे ने स्वयंसेवकों को ए, बी और सी प्रमाण पत्रों की जानकारी दी। उन्होंने एनएसएस बैज के महत्व को समझाते हुए बताया कि इसमें आठ तिलियां होती हैं, जो आठ पहर को दर्शाती हैं, जिसका अर्थ है कि बैज धारण करने वाला राष्ट्र सेवा के लिए दिन-रात (24 घंटे) तत्पर रहे।
वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. अरविंद कुमार ने स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि एनएसएस से नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, अनुशासन और व्यक्तित्व का विकास होता है। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना बालिका इकाई की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. लक्ष्मी ठाकुर, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. रश्मि तिवारी, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. मनीष कुमार चौरे, महाविद्यालय स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में डॉ. एकता राय ने सभी का आभार व्यक्त किया।








