रेलवे ट्रैक पर मवेशी आया तो मालिक को हो सकती है जेल

रेलवे ट्रैक पर मवेशी आया तो मालिक को हो सकती है जेल

इटारसी। यदि रेलवे ट्रैक(Railway Track) पर मवेशी आया तो उसके मालिक को जुर्माना देना पड़ेगा। यहां तक कि उसे छह माह की जेल भी हो सकती है। रेलवे ने अब रेल ट्रैक पर मवेशियों के आने को गंभीरता से लेते हुए जन जागरण अभियान(Jan Jagran Abhiyan) शुरु किया है। रेलवे के अनुसार मवेशियों के मालिकों के गैर जिम्मेदाराना रवैया के कारण जानवरों के रेल पटरी पर आने की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए पूरे भोपाल मंडल(Bhopal Mandal) पर व्यापक जन जागरण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत मंडल के सभी आउट पोस्टों के प्रभारियों तथा रेल पथ निरीक्षकों के नेतृत्व में रेल सुरक्षा बल कर्मियों द्वारा अपने कार्य क्षेत्र में रेल पटरी के किनारे मवेशियों को चराने वाले लोगों को समझाया जा रहा है कि पटरी पर जानवर आकर ट्रेन से टकराने से उनकी जान तो जाती ही है, साथ ही यह संरक्षा के लिए घातक भी है।

समझाने पर भी ना समझने और जानवर को पटरी पर छोड़ देने तथा उसकी जान और रेल परिचालन को ख़तरा पैदा करने वालों के खिलाफ़ रेलवे प्रशासन रेलअधिनियम की धारा 147 के तहत कार्यवाही करेगा, जिसमें 6 माह तक की जेल अथवा 500 रुपये से 1000 रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों की सजा हो सकती है। मंडल रेल प्रबंधक ने एक बार फिर अपील की है कि मवेशियों के मालिक अपने मवेशियों को ट्रैक पर न आने दें। इससे मवेशियों की जान तो जाती ही है, साथ ही दुर्घटना भी हो सकती है। आगे से मवेशियों के ट्रैक पर आने की स्थिति में मवेशियों के मालिकों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्यवाही करनी पड़ सकती है। भोपाल मंडल पर चलाये जा रहे इस जन जागरूकता अभियान के तहत भोपाल-बीना, भोपाल-इटारसी, इटारसी-हरदा, बीना-गुना एवं गुना-शिवपुरी रेल खण्ड पर पहले से ही कार्यवाही शुरू कर दी गई है और अनाधिकृत रूप से रेल सीमा में पशुओं को चारा चराने वाले एक व्यक्ति के विरुद्ध रेल अधिनियम के तहत कार्यवाही कर गिरफ्तार भी किया है।

इनका कहना है…
रेलवे ट्रैक के किनारे के गांवों में समझाईश दी जा रही है। मवेशियों को चराने के लिए रेलवे ट्रैक के आसपास आने वाले चरवाहों को भी समझाया जा रहा है कि यह इसमें न सिर्फ मवेशियों की जान का खतरा रहता है बल्कि रेल संरक्षा के लिए भी यह खतरा है। समझा रहे हैं कि रेल ट्रैक से दूर मवेशियों को चराएं। जो नहीं मानेंगे तो कानूनी कार्यवाही भी की जा सकती है।
देवेन्द्र कुमार(Devendra Kumar), इंस्पेक्टर आरपीएफ(Inspector RPF)

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