इटारसी। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से निकलकर एक बाघ (टी-44) पिछले कुछ दिनों से तवानगर और आसपास के रिहायशी इलाकों में डेरा डाले हुए है। तवानगर रोड और वनग्रामों के समीप बाघ की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है। बुधवार रात को एक बाइक सवार के समानांतर बाघ के चलने और गुरुवार सुबह महिलाओं को दोबारा दिखने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। स्थिति को देखते हुए सामान्य वन मंडल और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की संयुक्त टीमें लगातार बाघ की मॉनिटरिंग कर रही हैं।
बाइक के समानांतर चलता रहा बाघ, तेंदुए का भी मूवमेंट
तवानगर के वन्य क्षेत्र में पिछले दो दिनों से न केवल बाघ बल्कि तेंदुए की हलचल भी तेज हो गई है। बुधवार रात करीब 8 बजे काम से लौट रहे ग्रामीण प्रदीप बारस्कर को चीचा-28 गांव के मोड़ पर बाघ नजर आया। प्रदीप के अनुसार, बाघ डराने वाले अंदाज में काफी देर तक उनकी बाइक के समानांतर चलता रहा। इतना ही नहीं, गुरुवार सुबह फारेस्ट प्लांटेशन कहार मोहल्ले के पास जंगल की तरफ जा रही महिलाओं को भी बाघ दिखाई दिया, जिसके बाद मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। बाघ के अलावा, इलाके में तेंदुए का मूवमेंट भी देखा गया है। बुधवार को शकुन बाई नामक महिला को ‘जीरो प्वाइंटÓ पर और पिपरिया के एक युवक को भी तेंदुआ दिखाई दिया।
केसला से तवानगर की ओर बढ़ा बाघ
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, यह वही बाघ (टी-44) है जो कुछ दिन पूर्व केसला क्षेत्र के गांवों के आसपास देखा गया था। वन्यजीव विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस नए इलाके में बाघ के लिए पर्याप्त शिकार उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण वह जल्द ही वापस रिजर्व की ओर रुख कर सकता है। हालांकि, आबादी के इतने नजदीक बाघ और तेंदुए की मौजूदगी ने वन विभाग की चिंताएं बढ़ा दी हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार तवानगर से जंगल सटा होने के कारण अक्सर वन्यजीव मवेशियों और कुत्तों के शिकार की तलाश में रिहायशी इलाकों का रुख करते हैं। कुछ वर्ष पूर्व भी यहां एक अधिवक्ता भूपेश साहू के पालतू कुत्ते को तेंदुआ उठा ले गया था।
श्री साहू ने बताया कि कल शाम को पौने छह बजे इटारसी से तवानगर लौटते वक्त तवानगर से करीब तीन किलोमीटर पहले रोड पर ही उनको अचानक तेंदुआ दिखा, वे बाइक की रफ्तार कम नहीं कर सके और साइड से निकले। आज सुबह भी कहार मोहल्ले में एक ग्रामीण चिंतामणि को दिखा। कल शाम को एक स्कूटी वाली महिला और शशांक नामक युवक ने धन्यवाद तिराहे से तवानगर रोड पर थोड़ा आगे आकर शेर देखा। उन्होंने कहा कि विभाग केवल मॉनिटरिंग न करे, इन जानवरों को जल्द से जल्द यहां से रेस्क्यू करके उनकी मूल जगह पहुंचाए, ताकि ग्रामीणों की दहशत खत्म हो। तवानगर से सैंकड़ों लोग हर रोज इटारसी आना-जाना करते हैं, वहां से भी लोग यहां घूमने आते हैं, कोई बड़ी घटना हो, इससे पहले विभाग को जरूरी कदम उठाने चाहिए।
वन विभाग की अपील : अकेले न निकलें, सतर्क रहें
वन विभाग और एसटीआर का संयुक्त अमला लगातार क्षेत्र में गश्त कर रहा है और बाघ की लोकेशन ट्रेस की जा रही है। विभाग ने ग्रामीणों को पूरी तरह सतर्क रहने और रात के समय घरों से बाहर न निकलने की हिदायत दी है।
इनका कहना है…
इलाके में बाघ की मौजूदगी है। यह बाघ टी-44 है। हमारी सामान्य वन मंडल और एसटीआर की टीमें लगातार संयुक्त मॉनिटरिंग कर रही हैं और बाघ की हर हरकत पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों से अपील है कि वे सतर्क रहें, जंगली जानवरों वाले क्षेत्रों की ओर अकेले जाने से बचें और जब भी बाहर निकलें, हमेशा समूह में ही जाएं।
— अभिषेक शर्मा, रेंजर, वन विभाग










