इटारसी। मुंबई सीएसटी से चलकर आने वाली पुष्पक एक्सप्रेस में सफर कर रहे यात्रियों को रेलवे की भारी लापरवाही और अव्यवस्था का शिकार होना पड़ा। ट्रेन के स्लीपर कोच एस-4 और एस-5 में पानी की एक बूंद तक नहीं होने से यात्रियों का सफर बेहद कष्टदायक हो गया। हालात इतने बदतर थे कि यात्रियों को नित्य क्रिया और शौच के लिए भी दूसरे कोच में जाना पड़ा।
शुरुआत से ही नदारद रहा पानी
यात्रियों के अनुसार, पानी की यह समस्या बीच रास्ते से नहीं, बल्कि ट्रेन के उद्गम स्थल से ही शुरू हो गई थी। रेलवे प्रबंधन ने ट्रेन को रवाना करने से पहले पानी भरने की जहमत नहीं उठाई, जिसका खामियाजा दोनों कोच में सफर कर रहे सैकड़ों यात्रियों को भुगतना पड़ा।
रेलवे की लापरवाही और यात्रियों का दर्द
ट्रेन जब रात करीब 8 बजे इटारसी स्टेशन पहुंची, तब भी यात्रियों को कोई राहत नहीं मिली। परेशान यात्रियों ने अपना दर्द बयां करते हुए रेलवे की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
- हर स्टेशन पर गुहार, पर नहीं मिला पानी : खंडवा से इटारसी तक की यात्रा कर रहे यात्री नरेन्द्र तिवारी ने बताया कि इस भीषण समस्या के कारण यात्रियों ने लगभग हर बड़े स्टेशन पर पानी की मांग की, लेकिन कहीं भी पानी नसीब नहीं हुआ।
- इटारसी में भी अनदेखी : एक अन्य यात्री के मुताबिक, रात 8 बजे जब ट्रेन इटारसी जंक्शन पर पहुंची, तो केवल दो मिनट रुकी और बिना पानी भरे ही आगे के लिए रवाना कर दी गई।
- शुरुआत से ही सूखे पड़े थे नल : उन्नाव (उत्तर प्रदेश) की यात्रा कर रहे एक यात्री रजिन्दर ने बताया कि जहां से ट्रेन चली थी, वहीं से कोच में पानी नहीं था। दोनों कोच के यात्री पूरी यात्रा के दौरान पानी के लिए भटकते रहे और परेशान होते रहे, लेकिन इटारसी स्टेशन पर भी ट्रेन में पानी नहीं भरा गया।
पुष्पक एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेन में पानी की इस किल्लत ने रेलवे के यात्री सुविधाओं के दावों की पोल खोल कर रख दी है। प्रमुख स्टेशनों पर भी पानी न भरे जाने से यात्रियों में रेलवे प्रशासन के खिलाफ भारी रोष देखा गया।










