इटारसी। मध्य प्रदेश फसल विविधीकरण योजना के अंतर्गत पतंजलि ऑर्गेनिक रिसर्च इंस्टीट्यूट ने सुखतवा के नीलकंठ बैंक्वेट हॉल में हुई एक महत्वपूर्ण क्रेता-विक्रेता बैठक में जिले के लगभग 90 प्रगतिशील किसानों ने हिस्सा लिया, जहां उन्हें पारंपरिक खेती से हटकर नए विकल्पों पर मार्गदर्शन दिया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसएडीओ सुनील उइके ने किसानों को फसल विविधीकरण के लाभ समझाते हुए बताया कि कैसे बदली हुई फसलें भविष्य में आर्थिक मजबूती का आधार बनेंगी। उन्होंने पतंजलि के सहयोग से जिले में किए जा रहे कार्यों और उपज की सुगम खरीदी व्यवस्था की सराहना की।
तिल की खेती और मार्केट लिंकेज पर जोर
बाजार से जुड़ाव : हरिद्वार से आए अर्पण चौहान ने किसानों को सीधे बाजार से जोडऩे की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने विशेष रूप से तिल की खेती को बढ़ावा देने और उसके विपणन के अवसरों पर विस्तृत जानकारी साझा की।
प्रगति की समीक्षा : स्टेट कोऑर्डिनेटर रवि आदित्य ने योजना के तहत अब तक हुए कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया और खरीदी प्रक्रिया पर चर्चा की। उन्होंने कार्यक्रम का संचालन भी किया।
बैठक में कोटमी रैयत के स्थानीय व्यापारी मनोज मालवीय ने भी अपने विचार रखे। किसानों ने इस पहल को सराहा और माना कि ऐसी बैठकों से उन्हें उन्नत तकनीक के साथ-साथ उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी।











