पत्र संपादक के नाम: सोना सावंरी का नाला बारिश में ओव्हर फ्लो होता है तो….

पत्र संपादक के नाम: सोना सावंरी का नाला बारिश में ओव्हर फ्लो होता है तो….

जब सोना सावरी(Sona Savari) ग्राम का नाला बारिश(Rain) में ओव्हर फ्लो होता है तो वह अपनी सीमायें तोड़कर शहर में अनाधिकृत प्रवेश करता है। इससे उसके आसपास बसी झुग्गी झोपड़ियां(slums) तो डूब में आ ही जाती हैं नगर की न्यास कॉलोनी की शीवर लाइन से यहां के मकानों में भी गन्दा पानी भर जाता है। इस बार तो यहां के नाले ने अपना विकराल रूप दिखलाते हुए दो भागों में बंटकर भरपूर कहर ढाया। नाले की एक धारा तो पास की एल के जी कॉलोनी में प्रवेश कर गई और दूसरी धारा हमेशा की तरह न्यास कॉलोनी(Nyas Colony) के घरों के अंदर तक पहुंच गई। न्यास कॉलोनी के संदर्भ में जनप्रतिनिधियों से शिकायत करने पर वे ये तर्क देते हैं कि कॉलोनी के रहवासियों ने शीवर लाईन पर निर्माण कर रखा है मगर जब ये निर्माण हो रहा था तब नगर पालिका परिषद ने आपत्ति क्यों नहीं उठाई। तब ये जनप्रतिनिधि भी क्यों खामोश रहे। उन्होंने किए गए अतिक्रमण को रोका क्यों नहीं जबकि नगरपालिका के अधिकांश अधिकारी, कर्मचारी भी इसी कॉलोनी में ही निवास करते हैं। जब सामने की सड़क का पानी भी घरों में भरता है तब इस तरफ कोई जनप्रतिनिधि देखने भी नहीं आता।

शिकायत सुनने वाला भी कोई नहीं होता, जनप्रतिनिधियों के फोन बंद हो जाते हैं। दरअसल ये स्थिति हर बारिश में पार्क का पानी सड़क पर आ जाने तथा नाली ओव्हर फ्लो होने की वजह से निर्मित होती है। ज्ञातव्य है कि प्रकाश उद्यान के समक्ष स्थित एल आई जी 77 से 91 के ठीक सामने की नाली अक्सर बारिश में इसी कारण ओव्हर फ्लो हो जाती है। क्योंकि नाली के पानी के निकास के लिए आगे कोई रास्ता नहीं रह जाता। असल में यहां के निवासियों के लिए ये मुसीबत एल आई जी 91 से 104 के बीच की नाली अवरुद्ध हो जाने की वजह से पैदा होती है। उल्लेखनीय है कि ये नाली क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण एक तरह से चॉक ही हो गई है।

कॉलोनी के रहवासी वर्षों से इस समस्या की ओर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करते आ रहे हैं। लेकिन किसी ने भी इस समस्या की गम्भीरता को नहीं समझा। एल आई जी 77 से 91 में रह रहे लोगों ने अंततः हारकर इसकी शिकायत सी एम हेल्प लाईन में भी की थी। परन्तु नगरपालिका के गैर जिम्मेदार अधिकारी .कर्मचारियों ने सी एम हेल्प लाइन तक को गुमराह कर दिया। इसलिये समस्या जहां की तहां है। जबकि उपरोक्त समस्या के सौ मीटर के दायरे में तीन पूर्व पार्षद निवास करते हैं मगर किसी को भी इस समस्या के समाधान की चिंता नहीं है। देखा जाए तो न्यास कॉलोनी समस्या ग्रस्त कॉलोनी है। विशेषकर बारिश का मौसम यहां के निवासियों के लिए बेहद तकलीफ भरा होता है लेकिन इसकी चिंता कौन करता है।

हां नगर पालिका परिषद(Municipal Council) का चुनाव आने पर यहां से खड़े होने के लिए एक दर्जन दावेदार तैयार हो जाएगें। अफसोस इस बात का है कि कॉलोनी सहित आसपास के क्षेत्र में वैसे भी लगभग एक दर्जन पूर्व एवं वर्तमान पार्षद निवास कर रहे हैं। मगर कोई उल्लेखनीय काम इनके खाते में दर्ज नहीं है। अन्यथा आम आदमी इतना त्रस्त नहीं होता। नगर पालिका की ये हालत है कि पिछले काफी समय से सीएमओ का पद यहां रिक्त पड़ा हुआ है और नगर पालिका प्रशासक को जन समस्याओं की तरफ देखने की फुरसत नहीं है। ऐसे में कोई करे तो क्या करे……

विनोद कुशवाहा

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