इटारसी। प्रांतीय पटवारी संघ ने नर्मदापुरम जिले के लगभग 80 ग्रामों में चकबंदी कार्य में आ रही विसंगतियों और त्रुटिपूर्ण राजस्व अभिलेखों के सुधार की मांग को लेकर अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) इटारसी को एक ज्ञापन सौंपा है।
संघ के तहसील अध्यक्ष देवी शरण पटेल ने बताया कि नवीन राजस्व अभिलेखों के निर्माण की प्रक्रिया में आवश्यक तकनीकी सुधार की सख्त जरूरत है, अन्यथा किसानों को भविष्य में और अधिक अभिलेख विसंगतियों का सामना करना पड़ेगा। पटवारी संघ ने किसानों के हित में कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित तीन प्रमुख मांगें रखी हैं।
मांगें और सुझाव
- तकनीकी का अनिवार्य उपयोग (केट कैंप तकनीक): संघ ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में केट कैंप तकनीक का उपयोग किए बिना इस प्रकार के डिजिटल रहित चकबंदी कार्य को पूर्ण करना कठिन है। तकनीकी के उपयोग से ही विसंगतियों का समाधान किया जा सकेगा और किसानों को भविष्य में परेशानी नहीं होगी।
- विशेष दल का गठन : पटवारी संघ ने चकबंदी के विसंगति सुधार कार्य को गुणवत्ता पूर्ण और समय सीमा में पूरा करने के लिए एक विशेष चकबंदी दल गठित करने की मांग की है। साथ ही, मांग की गई है कि इस दल को उनके नियमित कार्यभार से मुक्त किया जाए।
- दक्ष कर्मचारियों की नियुक्ति : विशेष सर्वेक्षण कार्य के लिए तकनीकी रूप से दक्ष कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए। सुझाव दिया गया है कि 2015-16 में सिविल इंजीनियर योग्यता से सीधी भर्ती किए गए राजस्व निरीक्षकों और वरिष्ठ/सर्वेक्षण ज्ञान रखने वाले राजस्व निरीक्षकों को इस विशेष दल में शामिल किया जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रांतीय पटवारी संघ से विजय किरार, संतोष परते, अनिल गठोले, अमर सिंह राठौर, मुकेश साहू, गौरव पाण्डेय, रूपेन्द्र बघेल, हर्ष गुप्ता, श्रेया गुप्ता और अनुराधा सोनी सहित कई पटवारी साथी उपस्थित रहे।








