इटारसी। वर्षों से लंबित पांच सूत्री मांगों के निराकरण को लेकर मध्यप्रदेश पटवारी संघ का तीन दिवसीय सांकेतिक आंदोलन बुधवार, 15 जुलाई से शुरू हो गया है। शासन स्तर से कोई ठोस निर्णय न होने के कारण प्रदेशभर के पटवारी 15 से 17 जुलाई तक सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि अब भी समाधान नहीं हुआ, तो आगामी दिनों में उग्र चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा था ज्ञापन
पटवारी संघ ने पूर्व में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर 7 दिनों के भीतर मांगों पर निर्णय लेने का आग्रह किया था। समयावधि बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर यह कदम उठाया इस राष्ट्रव्यापी व प्रांतीय हड़ताल के चलते नामांतरण, सीमांकन और भू-अभिलेख सहित तमाम राजस्व कार्य पूरी तरह प्रभावित होने की संभावना है।
यह हैं पटवारियों की प्रमुख मांगें
- लंबित कैडर रिव्यू तत्काल लागू किया जाए।
- पात्र पटवारियों को पदोन्नति दी जाए तथा वंचितों को समयमान वेतनमान मिले।
- नायब तहसीलदार पद के लिए नियमित विभागीय परीक्षा का आयोजन हो।
- पटवारियों को जज प्रोटेक्शन एक्ट के दायरे में शामिल किया जाए।
- स्वामित्व योजना, कृषि व लघु सिंचाई संगणना और फार्मर आईडी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का लंबित मानदेय भुगतान तुरंत किया जाए।
- पटवारी संघ के पदाधिकारियों के नियम विरुद्ध किए गए स्थानांतरण निरस्त हों।
संघ ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी जायज मांगों की अनदेखी जारी रही, तो भविष्य में सभी शासकीय योजनाओं के कार्यों का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा।











