इटारसी। मध्य प्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर तहसील शाखा इटारसी के पटवारियों ने अपनी वर्षों से लंबित 5 सूत्री मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। पटवारियों ने अपने बस्ते जमा कर बेमियादी पूर्ण कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी है।
गुरुवार को पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष देवेंद्र जाटव और संभाग अध्यक्ष कन्हैया लाल व्यास के नेतृत्व में पटवारियों ने तहसीलदार रामशंकर झरबड़े को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। 6 अगस्त से पटवारियों ने शासकीय व्हाट्सएप ग्रुपों और सारा ऐप व वेब जीआईएस जैसे सभी ऑनलाइन सरकारी पोर्टलों का पूर्ण बहिष्कार कर दिया है।
पटवारियों की 5 प्रमुख मांगें
- कैडर रिव्यू व पदोन्नति : कैडर रिव्यू लागू कर समयमान वेतनमान और पदोन्नति का लाभ दिया जाए।
- विभागीय परीक्षा : नायब तहसीलदार के पदों के लिए विभागीय परीक्षा शीघ्र आयोजित की जाए, जो विगत 8 वर्ष से नहीं हुई है।
- सुरक्षा कवच : पटवारियों को जज प्रोटेक्शन एक्ट के दायरे में शामिल किया जाए।
- मानदेय व तबादले : विभिन्न शासकीय योजनाओं के लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान हो और संघ पदाधिकारियों के नियमों के विरुद्ध किए गए तबादले निरस्त किए जाएं।
- नियमित बैठक : कर्मचारी समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु परामर्शदात्री समिति की नियमित बैठकें आयोजित की जाएं।
आंदोलन का घटनाक्रम और चेतावनी
पटवारी संघ ने बताया कि पूर्व में 20 से 23 जुलाई तक काली पट्टी बांधकर काम किया था और तीन दिवसीय सांकेतिक अवकाश भी लिया था। हालांकि, शासन स्तर पर सुनवाई न होने के कारण अब अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता चुनना पड़ा। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि हड़ताल के दौरान किसी भी तहसील में पटवारियों पर दमनात्मक कार्रवाई की गई, तो आंदोलन को और उग्र बनाया जाएगा। हड़ताल के कारण राजस्व कार्यों, नामांतरण, सीमांकन और किसान संबंधी ऑनलाइन व्यवस्थाओं के ठप होने से आम जनता को होने वाली असुविधा की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।











