- – बारिश के दौर में ऐसी और भी दुर्घटनाओं की संभावनाएं बढ़ी
- – व्यापारी और नपा की अपनी दलीजें, फिलहाल संशय बरकरार
इटारसी। एक सप्ताह में दूसरी बाजार की दुकानों की छत से प्लास्टर गिरने की घटना हुई है। करीब तीन दिन पूर्व जयस्तंभ के पास एक दुकान का प्लास्टर गिरने से एक व्यापारी घायल हो गया था। बीती रात फिर जयस्तंभ के दाहिने तरफ करीब छह दशक पूर्व बने जवाहर बाजार की दुकान की छत से प्लास्टर गिरा है। दुकान बंद थी, अत: कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। लगातार हो रही इन घटनाओं से साफ है, कि वर्षों पुराने बाजारों को मरम्मत और पुनर्निर्माण की दरकार है, ना की नये बाजार बनाने की।
मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात जवाहर बाजार स्थित देशराज तिलकराज बर्तन दुकान के बीम-कालम का प्लास्टर टूटकर गिरा। सुबह दुकानदार राकेश मेहता दुकान खोलने आये तो शटर नहीं खुल रही थी। मैकेनिक को बुलाकर शटर खोली तो घटना की जानकारी मिली। यह घटना रात की है, अत: किसी को चोट नहीं आयी।
जर्जर हो चुके हैं बाजार

शहर के बाजार की अधिकांश दुकानें जर्जर हो चुकी हैं, बावजूद इसके कुछ दुकानदारों ने छत पर भी दुकानों का निर्माण कर लिया है। जो बाजार जर्जर हैं, उनमें जवाहर बाजार, पटवा लाइन, जयस्तंभ के पास पूर्वी हिस्से का बाजार, रविशंकर शुक्ल मार्केट, जनता मार्केट सहित अन्य जगह की दुकानें शामिल हैं। पिछले वर्षों में पोस्ट आफिस के पास का बाजार, चिकमंगलूर से आरएमएस आफिस के सामने का बाजार, अन्नपूर्णा (पूड़ी लाइन) मार्केट, शास्त्री मार्केट नया बना। जवाहर बाजार को 6 दशक होने के बावजूद नहीं बनाया जा सका है।
बारिश में सबसे अधिक डर
बारिश के मौसम में दुकानों से छज्जा, छत का हिस्सा गिरने का सबसे अधिक डर होता है। दुकानों की छतों पर भारी-भरकम होर्डिंग लगने से भी दुकानें कमजोर हो रही हैं। बारिश में पानी रिसकर छतों में जाता है तथा पुराने छतें कमजोर होती जा रही हैं। 3 दिन पूर्व एक दुकान का प्लास्टर टूट कर गिरा था जिसमें दुकानदार अतुल सोलंकी घायल हुए थे। विधायक डॉ.सीतासरन शर्मा और नगर पालिका अध्यक्ष पंकज चौरे ने निरीक्षण करके वहां दुकानें बनाने के लिए आश्वस्त किया है। इस दौरान अन्य दुकानों के नवनिर्माण के संकेत भी नपाध्यक्ष ने दिये हैं।
व्यापारियों ने की है चिंता
संयुक्त व्यापार महासंघ इटारसी ने दुकानों की खराब स्थिति पर ध्यान दिलाते हुए मंगलवार को जनसुनवाई में एक आवेदन देकर कहा है कि अनेक दुकानों का प्लास्टर गिर रहा है, छड़ें निकल रही हैं और कभी भी दुर्घटना हो सकती है, जान-माल की हानि हो सकती है। घायल हुए व्यापारी का जिक्र करते हुए ध्यान देने का अनुरोध किया और इसी रात को एक और दुकान का प्लास्टर गिर गया। महासंघ ने कहा कि पूर्व में नगर पालिका एवं जनप्रतिनिधियों को बताया जा चुका है, अगर समय रहते ध्यान देते तो इस तरह की दुर्घटना से भी बचा जा सकता था।
पुनर्निर्माण या रिपेयरिंग की अनुमति दें
संयुक्त व्यापार महासंघ के अध्यक्ष दीपक हरिनारायण अग्रवाल ने कहा कि नगर पालिका परिषद द्वारा दुकानों का किराया 100 प्रतिशत तक बढ़ाने की कार्रवाई की जा रही है, मेंटेनेंस और पुनर्निर्माण नहीं कराया जा रहा है। सीएमओ ने कहा कि पुनर्निर्माण हेतु प्रीमियम एवं निर्माण लागत दुकानदार को वहन करनी पड़ेगी। संपत्ति नगर पालिका की है तो उसके मेंटेनेंस और पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी मालिक की होती है, हम लागत भी वहन करें व किराया भी बढ़ाकर दें यह कहां का न्याय है? हमारा अनुरोध है पुनर्निर्माण या रिपेयरिंग की अनुमति दी जाए।
ये बोले जिम्मेदार
लागत राशि व्यापारी को देना है, यह नियम में है। दुकान आवंटन के वक्त मेंटेनेंस भी इनको करने का नियम था। हम व्यापारियों के हित की ही बात कर रहे हैं, हम बनाकर देने को तैयार हैं, लेकिन लागत राशि तो देना ही होगा। हम आश्वस्त कर रहे हैं कि एक इंच जगह कम नहीं होगी, कोई अतिरिक्त दुकान नहीं निकालेंगे, हम पर भरोसा तो करें। उनको जिनसे बनवाना वे बनवा लें, बस ड्राइंग डिजाइन हमारी रहेगी ताकि बाजार एक साथ बना रहे। वर्षों पुरानी दुकानें हो गई हैं, इस तरह की दुर्घटनाएं तो होंगी, व्यापारी हमारे साथ किसी नतीजे पर तो पहुंचें।
पंकज चौरे, नपाध्यक्ष









