इटारसी। लगातार तीन दिन से नर्मदापुरम (Narmadapuram) में हो रही लगातार वर्षा के बाद तवा नदी (Tawa River) किनारे बसे ग्राम मेहराघाट (Village Mehraghat) की प्राथमिक शाला के भवन की छत से पानी रिसने लगा है। बच्चे इनके नीचे छाता लगाकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। जिनके पास छाता नहीं है, वे भीगकर भी अपनी पढ़ाई कर रहे हैं। आश्चर्य की बात है कि कई स्कूलों में बच्चे नहीं आ रहे हैं, जहां आ रहे हैं, वहां जिले के जिम्मेदार अधिकारी सुविधा नहीं दे पा रहे हैं। ऐसे में देश का भविष्य अपनी सेहत को कैसे सुरक्षित रख पाएगा?
तवा नदी के किनारे ग्राम पांजराकलॉ (Village Panjraklaw) से करीब दो किलोमीटर दूर ग्राम मेहराघाट रेत खदान के लिए मशहूर है। यहां के शासकीय प्राथमिक शाला में बच्चे छाता लगाकर पढऩे को मजबूर हैं। गांव के जिम्मेदार बताते हैं कि ग्राम पंचायत और विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी दी जा चुकी है।
ग्राम पंचायत ने इसकी मरम्मत कराने का आश्वासन तो दिया है, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाये हैं और बच्चे ऐसे में छाता लगाकर पढ़ाई कर रहे हैं। ग्राम मेहराघाट जिला मुख्यालय से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, और यहां प्रशासन की टीम कई मर्तबा जा चुकी है, बावजूद इसके जिम्मेदारों का मौन समझ से परे है।











