नर्मदापुरम। जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नर्मदापुरम पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना देहात पुलिस ने कुख्यात निगरानी बदमाश प्रशांत तिवारी उर्फ टमंटू के घर पर छापामार कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी और देशी शराब का जखीरा बरामद किया है। पुलिस की भनक लगते ही आरोपी छत के रास्ते से फरार होने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश सरगर्मी से की जा रही है।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा एस. थोटा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन और एसडीओपी जितेंद्र कुमार पाठक के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। थाना प्रभारी देहात श्रीमती उषा मरावी को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि चंदन नगर रसूलिया निवासी प्रशांत तिवारी उर्फ टमंटू ने अपने घर में बेचने के इरादे से भारी मात्रा में अवैध शराब छिपा रखी है। इस सूचना पर तत्काल पुलिस टीम ने आरोपी के मकान पर दबिश दी।
ताले तोड़े तो मिला शराब का जखीरा और संदिग्ध सामान
पुलिस के पहुंचते ही आरोपी टमंटू छत से कूदकर भाग निकला। मकान की तलाशी लेने पर कमरों और बाथरूम में ताले लगे हुए मिले। गवाहों के सामने जब ताले तोड़े गए, तो अंदर भारी मात्रा में शराब की पेटियां मिलीं।
- शराब की जब्ती : कुल 53 पेटियां बरामद की गईं, जिनमें 286.500 लीटर अंग्रेजी शराब और 178.20 लीटर देशी (प्लेन) मदिरा शामिल है। कुल 464.20 लीटर शराब जब्त की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत 4,04,006 रुपये है।
- अन्य सामग्री : मौके से 2 मोबाइल फोन, 2 वाकी-टाकी हैंडसेट, 2 सीसीटीवी कैमरे, आरोपी का जेल से आपात रिहाई आदेश, आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज तथा सावन ठाकुर नामक व्यक्ति का पैन कार्ड और डेबिट कार्ड आदि भी जब्त किए हैं। पुलिस ने आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
30 गंभीर अपराधों में दर्ज है टमंटू का नाम
प्रशांत तिवारी उर्फ टमंटू पिता जयशंकर तिवारी एक शातिर और निगरानी बदमाश है। उसके खिलाफ नर्मदापुरम, भोपाल और नरसिंहपुर में हत्या, हत्या का प्रयास, लूट-डकैती, बम फेंकने, अड़ीबाजी, धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट जैसे 30 गंभीर मामले दर्ज हैं। आरोपी पर पूर्व में दो बार जिला बदर और एक बार रासुका की कार्रवाई भी हो चुकी है। पुलिस की एक विशेष टीम आरोपी की गिरफ्तारी के लिए रवाना कर दी गई है।
इस बड़ी कार्रवाई में थाना प्रभारी देहात निरीक्षक उषा मरावी, सउनि दीपक पाराशर, सउनि प्रवीण शर्मा, प्रधान आरक्षक नवीन दुबे, आरक्षक कपिल विश्वकर्मा, सुनील साहू, राकेश मेहरा, मुकुल महोबिया, ललित पटेल, वीरेन्द्र चौहान, अनिल भुंसारे और महिला आरक्षक किरण व शालिनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।










