इटारसी। शहर के भीतर घटित हालिया आपराधिक गतिविधियों के बाद स्थानीय निवासियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो चुका है। पुलिस ने न केवल पवन भदौरिया प्रकरण के मुख्य आरोपियों को त्वरित कार्रवाई करते हुए तत्काल सलाखों के पीछे भेजा, बल्कि अब नगर में स्थायी शांति और सुरक्षा का माहौल तैयार करने के लिए एक दूरगामी कार्ययोजना लागू कर दी है। आज दोपहर जब मृतक के परिजन और नागरिक अपनी चिंताओं को लेकर एकत्र हुए, तब मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया कि किसी भी हाल में शहर की सामाजिक समरसता को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा।
प्रशासनिक अधिकारियों ने दोटूक शब्दों में कहा कि असामाजिक तत्वों और सरेराह कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। आमजन को एक निर्भीक और सुरक्षित परिवेश उपलब्ध कराना ही इस कार्ययोजना का मुख्य ध्येय है।
सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए चार बड़े कदम
वारदातों पर स्थायी अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक साईंकृष्ण थोटा ने स्वयं कमान अपने हाथों में ले ली है। उन्होंने इटारसी थाने में सिटी पुलिस, आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समन्वय बैठक कर नई सुरक्षा व्यवस्था का ब्लूप्रिंट तैयार किया है:
- संयुक्त गश्त प्रणाली (Triple Action Matrix): अपराधियों की धरपकड़ और संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए शहर की पुलिस और रेलवे की दोनों सुरक्षा एजेंसियां (आरपीएफ व जीआरपी) मिलकर संयुक्त रूप से गश्त करेंगी। तीनों बल मिलकर पूरे क्षेत्र का ‘क्राइम मैप’ तैयार कर रहे हैं, जिससे हर संदिग्ध इलाके पर पैनी नजर रखी जा सकेगी।
- संदेहास्पद वेंडर्स का अनिवार्य सत्यापन: रेलवे स्टेशन और उसके आसपास के व्यावसायिक क्षेत्रों में सुरक्षा पुख्ता करने के लिए सभी खानपान वेंडर्स का नए सिरे से पुलिस वेरिफिकेशन किया जा रहा है। किसी भी संदिग्ध को बिना प्रामाणिक दस्तावेजों के व्यवसाय करने की अनुमति नहीं होगी।
- देर रात की आवाजाही पर सख्ती: रात्रि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गश्त की आवृत्ति को दोगुना किया गया है। देर रात बेवजह सड़कों पर घूमने वाले संदिग्धों से पूछताछ होगी, साथ ही नियम विरुद्ध देर तक खुली रहने वाली दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को समय पर बंद कराया जाएगा।
- अतिरिक्त पुलिस बल का आगमन: स्थानीय जन प्रतिनिधियों की मांग और एसपी के विशेष प्रस्ताव के बाद, इटारसी जैसे बड़े जंक्शन और शहर के लिए मुख्यालय से अतिरिक्त बल मांगा गया है, जिसे शीघ्र ही विभिन्न बीटों में तैनात किया जाएगा।
पुलिसिंग का नया तेवर: अपराधियों पर वैधानिक शिकंजा
पुलिस अधीक्षक ने मीडिया से चर्चा में स्पष्ट किया कि नाला मोहल्ला की घटना के आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी के साथ-साथ मालवीयगंज और अंडरब्रिज क्षेत्र में अशांति फैलाने वाले तत्वों को भी पुलिस ने रडार पर ले लिया है। पुलिस अब केवल तात्कालिक कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि आदतन अपराधियों की सूचियों को नए सिरे से अपडेट कर उन पर जिला बदर और रासुका जैसी कठोर प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई करने की रूपरेखा बना रही है।
प्रोएक्टिव पुलिसिंग से लौटेगा नागरिकों का विश्वास
सनसनीखेज दावों से अलग, धरातल पर अब पुलिसिंग का चेहरा बदल रहा है। कानून व्यवस्था को चुस्त करने के लिए प्रशासन अब ‘घटना के बाद दौड़ने’ के बजाय ‘अपराध को पनपने से पहले रोकने’ की कार्ययोजना पर काम कर रहा है। शुरुआती आक्रोश और तनाव के दौर के बाद अब प्रशासन का यह कड़ा रुख शहरवासियों में एक नया भरोसा जगाएगा। पुलिस बल को इस नई व्यवस्था को पूरी तरह स्थापित करने के लिए कुछ समय और जनता के सहयोग की आवश्यकता है, जिससे आने वाले दिनों में इसके सकारात्मक परिणाम सीधे दिखाई देंगे।
इनका कहना है…
“सभी संबंधित आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। हमारा मुख्य लक्ष्य आम नागरिकों के मन में सुरक्षा के प्रति दृढ़ विश्वास पैदा करना है। इस नई त्रिस्तरीय कार्ययोजना और पुलिस के सामूहिक प्रयासों का स्पष्ट असर आगामी 8 से 10 दिनों में सड़कों पर दिखाई देने लगेगा।”
— साईंकृष्ण थोटा, पुलिस अधीक्षक











