शहर के दर्जनों इलाकों में रात भर रही ब्लैकआउट की स्थिति, लो-वोल्टेज और फाल्ट ने निकाला नागरिकों का दम
घटिया उपकरणों के कारण जगह-जगह हुए धमाके, कावेरी एस्टेट के मुख्य गेट पर नागरिकों ने की जमकर नारेबाजी
दौड़ते रहे बेचारे लाइनमैन, एसी कमरों में मोबाइल बंद कर आराम फरमाते रहे जिम्मेदार अधिकारी
इटारसी। नौतपा ढलने के बाद भी इटारसी में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है, लेकिन इस तपन के बीच बिजली कंपनी (एमपीईबी) की बदइंतजामी ने आग में घी डालने का काम किया है। सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात इटारसी के आधे से ज्यादा शहर में बिजली व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर गई। आलम यह था कि कहीं ट्रांसफार्मर से चिंगारियां निकलती रहीं, कहीं धमाके होते रहे, तो कहीं लो-वोल्टेज के कारण पंखे-कूलर तक शोपीस बन गए। भीषण उमस और गर्मी से बेहाल बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं रात भर सो नहीं पाए और कई इलाकों में लोग सड़कों तथा छतों पर रात काटने को मजबूर हुए।
इन इलाकों में रात भर चला आंख-मिचौली का खेल
शहर के आरएमएस कॉलोनी, मालवीयगंज (वार्ड 21), कावेरी एस्टेट, पंजाबी मोहल्ला, 11वीं लाइन, उत्तर बंगलिया डायवर्शन रोड बीएसएनएल टावर के पास, नई गरीबी लाइन, पीपल मोहल्ला, नदी मोहल्ला, सूरजगंज, न्यास कॉलोनी, एमजीएम कॉलेज रोड और इंदिरा कॉलोनी जैसे दर्जनों रिहाइशी इलाकों में रात 11 बजे से जो बिजली गुल होने का सिलसिला शुरू हुआ, वह सुबह तक रुक-रुक कर जारी रहा। मालवीयगंज में स्थिति यह थी कि वोल्टेज इतना कम था कि कूलर-पंखे घूम ही नहीं पा रहे थे।
सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा : ‘जय हो बिजली मैया…’
रात भर जागने को मजबूर नागरिकों का गुस्सा सोशल मीडिया पर जमकर फूटा। लोगों ने तंज कसते हुए लिखा— ‘घरों में बच्चे रो रहे हैं, महिलाएं रोड पर हैं… करें तो करें क्या, जाएं तो जाएं कहां?’ वहीं कुछ लोगों ने शायराना अंदाज में लिखा— ‘जय हो बिजली मैया, भेज दो कोई भैया जो सुधार दे हमारी बिजली मैया।’ जागरूक नागरिकों ने सवाल उठाया कि न तो आंधी चल रही है, न पानी गिर रहा है, फिर भी रात के 12 बजे बिजली किस वजह से गुल हो रही है? साफ है कि यह सिर्फ विभाग की लापरवाही और मेंटेनेंस के नाम पर हुई खानापूर्ति का नतीजा है।
कावेरी स्टेट के गेट पर नारेबाजी, उग्र आंदोलन की चेतावनी
बिजली संकट से सबसे ज्यादा त्रस्त कावेरी स्टेट के रहवासी रहे। यहां मनीष ठाकुर के घर के पीछे लगी डीपी में देर रात स्पार्क होकर फ्यूज वायर लाल हो गया और लगातार धमाकों की आवाजें आती रहीं। स्थानीय नागरिकों ने इसकी तुलना ‘सर्जिकल स्ट्राइक” से कर दी। दो दिनों से लगातार रात में हो रही कटौती से परेशान होकर नागरिक देर रात ही कावेरी स्टेट के मुख्य गेट पर एकत्र हो गए।
यहां नागरिकों ने ‘लोक सेवा गारंटी अधिनियम’ के नियमों का हवाला देते हुए एमपीईबी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। समाजसेवियों व क्षेत्रवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बाद भी कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही विद्युत व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो बिजली दफ्तर का घेराव कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
जर्जर सिस्टम : लाइनमैन बेहाल, अधिकारी लापता!
ग्राउंड जीरो पर काम करने वाले बेचारे लाइनमैन रात भर एक फाल्ट सुधारकर पलट भी नहीं पाते थे कि घटिया उपकरणों के कारण दूसरी जगह धमाका हो जाता था। मैदानी अमला तो रात भर दौड़ता रहा, लेकिन बिजली कंपनी के बड़े अधिकारी इस संकट के समय में फोन बंद करके एसी कमरों में आराम फरमाते रहे, जिससे जनता में भारी आक्रोश है।
सुबह भी नहीं मिली राहत : जंपर टूटने से फिर बत्ती गुल
रात की प्रताडऩा कम नहीं थी कि सुबह होते ही बिजली कंपनी ने ग्रुप्स पर मैसेजेस डालकर फिर से बिजली गुल होने की सूचनाएं देना शुरू कर दिया। कभी बूढ़ीमाता सब-स्टेशन (33 केवी) की सप्लाई का जंपर जलने तो कभी न्यास कॉलोनी 33 केवी सप्लाई का जंपर टूटने के कारण सुबह भी घंटों बिजली गुल रही, जिससे पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई।










