- कई पालतू पशुओं को बनाया निवाला, ग्रामीणों में दहशत का माहौल
रितेश राठौर केसला। विकासखंड केसला के ग्राम पंचायत पोडार, हिरणचापड़ा, नया मल्लूपुरा, गेंदाकाबड़, कासदाखुर्द, खखरापुरा, सहेली समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले 5-6 दिनों से तेंदुआ का मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ खेतों की रखवाली कर रहे किसानों और मवेशियों के लिए खतरा बन गया है।
ग्रामीणों के अनुसार, इससे लोगों में दहशत का माहौल है और कई लोग रात में खेतों में रुकने से डर रहे हैं। हमारा गांव संगठन के संयोजक दुर्गेश धुर्वे के नेतृत्व में ग्रामीणों संपतलाल, धीरज यादव, शेर सिंह, विजय कांवरे, इमरत सहित अनेक ग्रामीणों ने आज केसला के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व एवं वन विभाग से तेंदुए को तत्काल पकडऩे की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

पालतु पशुओं का शिकार
ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुआ ने ग्राम पोडार के एक आदिवासी किसान की दो बकरी, ग्राम हिरणचापड़ा में 10-12 मुर्गा-मुर्गी, एक पालतू कुत्ता का शिकार कर चुका है। तेंदुआ का कई बार ग्रामीणों से भी सामना हो चुका है, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल है।
रात में सो नहीं पा रहे
ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुआ की मौजूदगी के कारण वे रातों को अपने बच्चों की सुरक्षा की चिंता में सो भी नहीं पा रहे हैं। पालतू पशुओं को चारागाह के लिए नहीं छोड़ रहे हैं, बच्चों के साथ कोई अनहोनी न हो जाए, इससे पहले वन विभाग को तेंदुआ को पकड़कर जंगल में ले जाकर छोडऩा चाहिए, अन्यथा ग्रामीणों को मजबूरी में नेशनल हाईवे 46 पर चक्काजाम करना पड़ेगा।











