दंड अब इतिहास बना, नये कानून में न्याय का प्रावधान

दंड अब इतिहास बना, नये कानून में न्याय का प्रावधान

  • इटारसी पुलिस ने नए कानून समझाने किया संगोष्ठी का आयोजन

इटारसी। देश में अंग्रेजों के जमाने में बने कानून एक जुलाई यानी सोमवार से बदल गए। सोमवार को इटारसी थाने (Itarsi Police Station) में नए कानून के तहत मारापीट का मामला भी दर्ज किया। नए कानून को आमजनों को आसानी ने समझाने सोमवार को एक संगोष्ठी का आयोजन किया जिसमें न्याय पालिका से जुड़े अतिथियों ने आमजनों और बच्चों को बेहतर तरीके से कानून की जानकारी दी।

विदित हो कि देशभर में एक जुलाई से भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) की जगह भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) व दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (आइइए) की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) में कार्रवाई होने लगी। पुलिस कम्युनिटी हॉल (Community Hall) में आयोजित संगोष्ठी में नए कानून कि जानकारी दी गईं। एसडीओपी महेन्द्र चौहान (SDOP Mahendra Chauhan) ने बताया कि देश में नए कानून लागू हो गए हैं। पुलिस विभाग इन कानूनों की तैयारी तीन महीने पहले से कर रहा है। अब इन कानूनों के तहत ही थानों में मामले दर्ज होंगे। इटारसी थाने में एक जुलाई को नए कानून के तहत ही मामला दर्ज हुआ।
ई-एफआईआर की जानकारी दी

पुलिस कम्युनिटी हॉल में आयोजित संगोष्ठी में शामिल हुए अतिथियों ने नए कानून कि बारीकी से जानकारी दी। अतिथियों ने ई-एफआईआर कि भी जानकारी दी। अब थानों पर ई-मेल, वाट्सऐप व अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से कोई सूचना मिलती है और वह गंभीर है, तो पुलिस खुद सूचना देने वाले से संपर्क कर अग्रिम कार्रवाई करेगी। यदि मामला सामान्य है तो सूचना देने वाले को तीन दिन के अंदर थाने में उपस्थित होकर हस्ताक्षर करने होंगे। साथ ही बताया कि अभी शुरुआत में कई कमियां सामने आएंगी, जिन्हें धीरे-धीरे दूर किया जाएगा। अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी हरिशंकर यादव (Additional District Prosecution Officer Harishankar Yadav) ने बताया कि यह कानून महिला और बच्चों को प्राथमिकता देगा। अब दंड सिद्धांत नहीं न्याय सिद्धांत होगा। वहीं अधिवक्ता संघ इटारसी (Advocates Association Itarsi) के अध्यक्ष संतोष गुरयानी (Santosh Gurayani) ने नए कानून को आमजनों को समझाया।

तिरिक्त लोक अभियोजक राजीव शुक्ला (Rajeev Shukla) ने बताया कि महिलाओं के अधिकारों को सुरक्षित करते हुए नए कानून में धाराओं में परिवर्तन व संसोधन किया गया है। इसके अलावा तहसीलदार सुनीता साहनी (Sunita Sahni) और नपाध्यक्ष पंकज चौरे (Pankaj Chaure) ने भी नए कानून की जानकारी दी। नर्मदापुरम पत्रकार संघ (Narmadapuram Journalist Association) के अध्यक्ष प्रमोद पगारे (Pramod Pagare) ने भी नए कानून की जानकारी दी। आभार टीआई गौरव बुंदेला (TI Gaurav Bundela) ने व्यक्त किया।
संगोष्ठी में सीएमओ श्रीमती ऋतु मेहरा, बार एसोशियन सचिव पारस जैन, वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक शर्मा, नगर पालिका उपाध्यक्ष निर्मल राजपूत, महिला बाल विकास विभाग से परियोजना अधिकारी दीप्ति शुक्ला सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, वर्धमान स्कूल के विद्यार्थी, पार्षद, पूर्व पार्षद एवं विभिन्न पार्टी के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित हुए।

420 अब 316

आमबोल चाल की भाषा में कई दफे धारा 420 जिक्र आमजनों द्वारा किया जाता रहा है, लेकिन यह धारा अब 316 कहलाएंगी। वहीं अब हत्या की धारा 302 को नए कानून में संसोधित कर 101 कर दिया गया है। हत्या का प्रयास 307 अब 109 और दुष्कर्म की धारा 376 अब धारा 63 कहलाएगी।

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AUTHORRohit

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