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कव्वाल अजीज नाजा, एक अमर विरासत

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  • अखिलेश शुक्ल
अखिलेश शुक्ल

संगीत की दुनिया में कुछ ही कलाकार ऐसे होते हैं जो अपनी आवाज और प्रस्तुति से लोगों के दिलों पर राज करते हैं। उनकी मौत के बाद भी उनकी आवाज लोगों के जेहन में जिंदा रहती है। ऐसे ही एक महान कलाकार थे कव्वाल अजीज नाजा उनकी गायकी ने न सिर्फ कव्वाली को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया, बल्कि लाखों दिलों में अपनी जगह बनाई। आज भी उनके चाहने वाले उनके गानों को गुनगुनाते हैं, और बॉलीवुड के बड़े सितारे भी उनके प्रशंसकों में शामिल हैं।

कव्वाल अजीज नाजा : जीवन और संगीत यात्रा

कव्वाल अजीज नाजा का जन्म 1934 में हुआ था और उन्होंने कव्वाली को एक नया आयाम दिया। उनकी आवाज में जादू था, जो श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देता था। 70 और 80 के दशक में उन्होंने कव्वाली की दुनिया में एक नया मुकाम हासिल किया। उनकी प्रस्तुति इतनी प्रभावशाली थी कि लोग उनके लाइव शो देखने के लिए दूर-दूर से आते थे।

प्रसिद्ध कव्वाली जो आज भी जिंदा हैं

  • कव्वाल अजीज नाजा के कुछ ऐसी कव्वाली हैं जो आज भी लोगों की जुबां पर हैं।
  • झूम बराबर झूम शराबी – यह आज भी पार्टियों और शादियों में बजता है।
  • चढ़ता सूरज धीरे धीरे – इस कव्वाली को आज भी बड़े आदर के साथ सुना जाता है।
  • मैं शराबी, तू शराबी – यह कव्वाली उनकी आवाज की ताकत को दर्शाती है।

इन कव्वाली ने न सिर्फ उस दौर के लोगों को प्रभावित किया, बल्कि आज के युवाओं को भी इनकी धुन पसंद आती है।
बॉलीवुड सितारों और संगीतकारों पर प्रभाव कव्वाल अजीज नाजा सिर्फ आम लोगों के ही नहीं, बल्कि बॉलीवुड के बड़े सितारों और संगीतकारों के भी चहेते थे।

अक्षय कुमार की श्रद्धांजलि

  • एक रियलिटी शो में अक्षय कुमार ने कव्वाल अजीज नाजा को याद करते हुए चढ़ता सूरज धीरे धीरे गाया। उन्होंने बताया कि जब वे किशोर थे, तो वे और उनके दोस्त अक्सर यह कव्वाली गाया करते थे।
  • लता मंगेशकर, दिलीप कुमार और राज कपूर जैसे दिग्गजों ने अजीज नाजा का हमेशा सम्मान किया।
  • कव्वाल अजीज नाजा की प्रतिभा इतनी विलक्षण थी कि बॉलीवुड के महान कलाकारों ने उन्हें अपने घरों पर बुलाकर उनकी कव्वाली सुनी।
  • लता मंगेशकर, दिलीप कुमार, राज कपूर, किशोर कुमार, कल्याणजी जैसे दिग्गजों ने उनके प्रदर्शन की सराहना की।

आधुनिक गायकों पर प्रभाव

आज के मशहूर गायक जैसे सोनू निगम, शंकर महादेवन, बाबा सहगल, केके आदि ने भी अजीज नाजा की कव्वाली को अपनी आवाज दी है।

एक ऐसा सितारा जिसने ट्रेन रोक दी

कव्वाल अजीज नाजा की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक बार जब वे रांची में एक चैरिटी शो के लिए जा रहे थे, तो लोगों ने ट्रेन रोक दी और उनसे हाथ मिलाने की जिद्द की। ट्रेन तभी आगे बढ़ी जब कव्वाल अजीज नाजा ने लोगों से मुलाकात की। 1977 में ऐसा ही एक वाकया झांसी में हुआ था।

रिकॉर्ड तोड़ फीस

1975 में जब सोने की कीमत 520 रुपये प्रति 10 ग्राम थी, कव्वाल अजीज नाजा ने कोलकाता के कला मंदिर में एक शो के लिए 1,80,000 रुपये की फीस ली। यह उस दौर में एक बहुत बड़ी रकम थी, जो उनकी लोकप्रियता को दर्शाती है।

आधुनिक दौर में अजीज नाजा की मौजूदगी

आज भी कव्वाल अजीज नाजा की आवाज लोगों के दिलों में जिंदा है।

एमटीवी और कोक स्टुडियो में पुनर्जीवन

MTV ने अपने प्रोग्राम Coke Studio में चढ़ता सूरज को फिर से प्रस्तुत किया और बाद में इसे CD के रूप में रिलीज किया।

टीवी शोज में उनकी कव्वाली

टीवी के प्रसिद्ध शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा के एक एपिसोड में कव्वाल अजीज नाजा की कव्वाली को दिखाया गया।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्धता

आज उनके गाने MPx, रिंगटोन और iTunes पर उपलब्ध हैं, जो यह साबित करता है कि उनकी आवाज आज भी लोगों के बीच जीवित है।

निष्कर्ष : एक अमर विरासत

कव्वाल अजीज नाजा सिर्फ़ एक गायक नहीं थे, बल्कि संगीत की दुनिया के एक युगपुरुष थे। उनकी आवाज़ ने लाखों लोगों के दिलों को छुआ और आज भी उनके गाने लोगों को प्रेरित करते हैं। चाहे बॉलीवुड के सितारे हों या आम श्रोता, सभी उनके प्रशंसक हैं। उनकी विरासत आज भी जीवित है, और आने वाली पीढिय़ों तक उनका संगीत लोगों के दिलों में बसा रहेगा। चढ़ता सूरज धीरे धीरे जैसी कव्वालियाँ हमें याद दिलाती हैं कि असली कला कभी मरती नहीं। अजीज नाजा सिर्फ़ एक नाम नहीं, एक जज़्बा है, एक अहसास है!

क्या आपने अजीज नाज़ा की कव्वाली सुनी हैं? अपने पसंदीदा कव्वाली कमेंट में शेयर करें!

अखिलेश शुक्ल
सेवा निवृत्त प्राचार्य, लेखक, ब्लॉगर

    Rohit Nage

    Rohit Nage has 30 years' experience in the field of journalism. He has vast experience of writing articles, news story, sports news, political news.

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