इटारसी। जिले में इस वर्ष मानसून की चाल सुस्त रहने का सीधा असर यहां के प्रमुख जलाशयों और वर्षा के आंकड़ों पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। 3 सितंबर की सुबह 8 बजे तक की स्थिति के अनुसार, जिले में औसत बारिश पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम दर्ज की गई है। इसका प्रभाव जीवनदायिनी नर्मदा नदी के सेठानी घाट और जिले की सिंचाई के प्रमुख केंद्र तवा बांध के जलस्तर पर भी पड़ा है।
बारिश के आंकड़ों का तुलनात्मक अध्ययन
भू-संसाधन प्रबंधन कार्यालय द्वारा 3 सितंबर को जारी दैनिक वर्षा रिपोर्ट के अनुसार, जिले में बारिश का आंकड़ा पिछले वर्ष के मुकाबले चिंताजनक रूप से कम है। जिले की सामान्य या औसत वर्षा 1370.5 मिलीमीटर (54.0 इंच) मानी जाती है। इस वर्ष 3 सितंबर तक जिले की कुल प्रगामी औसत वर्षा मात्र 689.7 मिलीमीटर ही दर्ज की गई है। जबकि पिछले वर्ष इसी दिन तक जिले में 1189.1 मिलीमीटर औसत वर्षा हो चुकी थी। आंकड़ों से स्पष्ट है कि इस साल जिले में अब तक पिछले साल की तुलना में लगभग आधी बारिश ही हुई है।
तवा बांध का जलस्तर और गवर्निंग लेवल का गणित
कम बारिश का सीधा असर जिले के सबसे बड़े तवा जलाशय पर पड़ा है। यह बांध फिलहाल अपने निर्धारित गवर्निंग लेवल से काफी पीछे चल रहा है।
- 3 सितंबर को तवा जलाशय का वर्तमान जलस्तर 1154.60 फीट दर्ज किया गया है, जबकि इसकी अधिकतम क्षमता 1166.00 फीट है।
- बांध के निर्धारित जलभराव नियम के अनुसार, 31 जुलाई तक बांध का जलस्तर 1158 फीट (76.77 प्रतिशत) और 31 अगस्त तक 1163 फीट (90.80 प्रतिशत) होना चाहिए था।
- वर्तमान में जलस्तर मात्र 1154.60 फीट है, जो 31 जुलाई के निर्धारित लक्ष्य (1158 फीट) से भी नीचे है।
- बांध को 30 सितंबर तक पूर्ण क्षमता (1166 फीट – 100 प्रतिशत) तक भरना होता है। लक्ष्य तक पहुंचने के लिए कैचमेंट एरिया में झमाझम बारिश की सख्त दरकार है।
सेठानी घाट और अन्य प्रमुख बांधों की स्थिति
- सेठानी घाट : नर्मदा नदी के सेठानी घाट का वर्तमान जलस्तर 938.60 फीट है। यहां एलार्म स्तर 964.00 फीट और खतरे का जलस्तर 967.00 फीट निर्धारित है, जिससे वर्तमान स्तर काफी नीचे और सुरक्षित है।
- बरगी जलाशय : इसका वर्तमान जलस्तर 422.10 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि इसकी अधिकतम भराव क्षमता 422.76 मीटर है।
- बारना जलाशय : इसका वर्तमान जलस्तर 346.83 मीटर है, जबकि अधिकतम जलस्तर 348.55 मीटर है।
प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण कक्ष जिले की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। किसानों और आमजनों को अब उम्मीद है कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश हो, जिससे बांध अपनी पूरी क्षमता तक भर सकें और रबी की फसल के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सके।











