इटारसी। जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में रामपुर गुर्रा थाना पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए एक नाबालिग लड़की के अपहरण की गुत्थी को महज 10 घंटों के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस ने न केवल नाबालिग को सुरक्षित दस्तयाब किया, बल्कि आरोपी को भी हिरासत में ले लिया है।
क्या है पूरा मामला?
घटना 8 अप्रैल 2026 की रात की है। पुरानी इटारसी के निवासी और वर्तमान में ग्राम मरोड़ा में रह रहे फरियादी ने पुलिस को सूचना दी कि उनकी 15 वर्षीय नाबालिग पुत्री को रात करीब 11 बजे कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर ले गया है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए थाना रामपुर गुर्रा में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
सीसीटीवी और सायबर सेल से मिली सफलता
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक साईं एस थोटा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन एवं एसडीओपी इटारसी वीरेन्द्र कुमार मिश्र के मार्गदर्शन में तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की सघन तलाशी ली और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। सूचना मिली कि नाबालिग को एक डंपर में जाते हुए देखा गया है। इसके बाद सायबर सेल की तकनीकी मदद से डंपर चालक की पहचान की गई। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी विनोद धुर्वे 30 वर्ष, निवासी बुधनी, जिला रायसेन के कब्जे से नाबालिग को सुरक्षित बरामद कर लिया।
परिजनों को सौंपी गई बालिका
महज 10 घंटों की मशक्कत के बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर नाबालिग को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। अपनी बच्ची को सुरक्षित पाकर परिजनों ने पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। इस त्वरित कार्रवाई में रामपुर गुर्रा थाना प्रभारी उप निरीक्षक संजीव पवार, सउनि अनिल शर्मा, सउनि हर्षित मौर्य, सउनि अखिलेश गौर, आरक्षक ब्रजलाल धुर्वे और टीटू मर्सकोले की मुख्य भूमिका रही। साथ ही सायबर टीम से आरक्षक जितेन्द्र शेषकर और प्रशांत राजपूत का विशेष तकनीकी सहयोग रहा।










