इटारसी। जब विदाई की बेला हो और आंखों में सुनहरे भविष्य के सपने हों, तो माहौल भावुकता के साथ-साथ गौरव से भी भर जाता है। ऐसा ही दृश्य शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय इटारसी में देखने को मिला, जहां जूनियर छात्र-छात्राओं ने अपने सीनियर्स को एक भव्य और आत्मीय विदाई दी।
संस्था के प्राचार्य आरके चोलकर के निर्देशन में आयोजित इस समारोह में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग एवं इलेक्ट्रॉनिक टेलीकॉम इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को विदा किया गया।
शिक्षा के साथ संस्कार ले जाएं विद्यार्थी
कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य श्री चोलकर ने विद्यार्थियों को जीवन का मूलमंत्र देते हुए कहा कि संस्था से केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि यहां से प्राप्त अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और ऊंचे संस्कार भी अपने साथ लेकर जाएं। आप जहां भी अपनी सेवाएं दें, उस संगठन के प्रति पूरी निष्ठा, मेहनत और कर्तव्यपरायणता दिखाएं। आपकी सफलता ही इस महाविद्यालय का असली गौरव होगी।
कविता और भाषणों से छलका गुरुओं के प्रति सम्मान
विदाई की इस शाम को विद्यार्थियों ने अपनी अभिव्यक्ति से और भी खास बना दिया। अंतिम वर्ष के छात्रों ने कविताओं और भाषणों के माध्यम से अपने गुरुओं की कार्यशैली और उनके द्वारा दी गई सीख की प्रशंसा की। कॉलेज के गलियारों से लेकर लैब तक की यादों को जब शब्दों में पिरोया गया, तो हर कोई भावुक हो उठा।
गुरुजनों ने दिया उड़ान का आशीर्वाद
इस अवसर पर विभिन्न विभागाध्यक्षों और शिक्षकों ने छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य और उच्च शिक्षा के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में मुख्य रूप से विभागाध्यक्ष श्रीमती विद्यावती सूर्यवंशी, विकास सिद्धू और श्रीमती पल्लवी नरवरे, शिक्षक आकाश गर्ग, भूपेंद्र जोठे, प्रबल गौर, लखन लाल कोरी, निलेश गौर, प्रवेश चौरे, शिवांगी मालवीय, कुमारी नेहा केदार, नैनी पटेल, श्रीमती अनीता वर्मा, सोनिया अग्रवाल, हेमलता शुक्ला सहित समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
अनुभव और ऊर्जा का मेल
जूनियर छात्र-छात्राओं द्वारा आयोजित इस विदाई समारोह ने यह सिद्ध कर दिया कि शासकीय पॉलीटेक्निक इटारसी में केवल तकनीकी शिक्षा ही नहीं, बल्कि आपसी सौहाद्र्र और रिश्तों की गरिमा को भी प्रमुखता दी जाती है। विदा हो रहे विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे अपनी कार्यशैली से समाज में संस्था का नाम रोशन करेंगे।










