मध्यप्रदेश में छल-कपट से धर्मांतरण नहीं करने दूंगा : मुख्यमंत्री

मध्यप्रदेश में छल-कपट से धर्मांतरण नहीं करने दूंगा : मुख्यमंत्री

– अब जनता ही लाट साहब, विकास के लिए सीएम विधायक के हाथ जोडऩे की जरूरत नहीं

इटारसी। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Madhya Pradesh Chief Minister Shivraj Singh Chouhan) ने आज यहां आदिवासी विकासखंड केसला के ग्राम सहेली स्थित स्टेडियम में पेसा जागरुकता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आदिवासी को पेसा एक्ट में दिये अधिकार बताये और ग्रामसभा की ताकत बतायी। उन्होंने सुखतवा के सरकारी कालेज का नाम भगवान बिरसा मुण्डा कालेज करने की घोषणा भी मंच से की।

पेसा जागरुकता कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह, सांसद उदय प्रताप सिंह, विधायक नर्मदापुरम डॉ.सीतासरन शर्मा, विधायक सिवनी मालवा प्रेमशंकर वर्मा, विधायक पिपरिया ठाकुरदास नागवंशी, विधायक सोहागपुर विजयपाल सिंह, किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी दर्शन सिंह, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष माया नारोलिया, जिला भाजपा अध्यक्ष माधवदास अग्रवाल, कमिश्नर श्रीमन शुक्ला, आईजी दीपिका सूरी, कलेक्टर नीरज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ गुरूकरण सिंह, जिला पंचायत सीईओ सोजान सिंह रावत व अन्य जनप्रतनिधि, बड़ी संख्या में जनजाति वर्ग के नागरिक शामिल रहे। सहित जिले के अनेक भाजपा नेता, कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

– पेसा कानून के माध्यम से ग्रामसभाओं को मजबूत किया, कई अधिकारी दिये गये हैं

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब लोकतंत्र में जनता ही लाट साहब है। अब जंगल में साहब गिरी नहीं होगी। जंगल में रेंजर अब डेंजर हो गए हैं, लेकिन अब इनसे आदिवासी मजदूरों को डरने की जरूरत नहीं है। पेसा एक्ट जल, जंगल और जमीन से जुड़े अधिकार वापस दिलाने के लिए लागू कर रहा हूं। अब ग्राम सभा अपने विकास का बजट तय करेगी, अब सीएम और विधायकों के हाथ जोडऩे की जरूरत नहीं है। दोपहर में आयोजित कार्यक्रम में चौहान ने मंच से कहा कि पेसा एक्ट किसी के खिलाफ नहीं है। मप्र के 89 इलाकों में इसे लागू किया जा रहा है।

नयी शराब या भांग दुकान नहीं

अब ग्राम सभा की अनुमति के बिना कोई भी नई शराब दुकान या भांग दुकान नहीं खोली जाएगी। सभा को ड्राय डे घोषित करने का अधिकार भी होगा। अवैध शराब गांव में नहीं बेची जाएगी। हर गांव मय खाना नहीं बनाना है। जंगलों में अभी तक ठेकेदार और मुठी भर लोग फायदा उठाते रहे। ग्राम सभा में शांति और विवाद निवारण समिति बनाई जाएगी। ग्राम सभा की बैठक में पटवारी और बीटगार्ड को खसरा नकल रखना होगी।

अधिसूचित इलाकों में पुलिस एफआईआर करेगी तो ग्राम सभा को बताना होगा। मेलों का आयोजन भी ब ग्राम सभा करेगी। नए कानून में बांध या किसी प्रोजेक्ट की जमीन अधिग्रहण बिना ग्राम सभा की अनुमति नहीं होगा, जिनकी जमीन वे फैसला करेंगे। कोई भी आपकी जमीन कपट से नहीं ले सकेगा।
धर्मांतरण सहन नहीं करेंगे।

सीएम ने कहा कि मप्र में धर्मांतरण सहन नहीं करेंगे। आदिवासी बेटियों से विवाह कर उनकी जमीन हथियाने का षड्यंत्र मंजूर नहीं है, यदि आदिवासियों की जमीन पर अवैध कब्जा हुआ तो सभा इसे वापस ले सकेगी। बिना सहमति के पट्टा नीलाम नहीं होगा। गांव की खदानों पर भी आदिवासी समिति या हमारी बहन का पहला अधिकार होगा। गांव के तालाबों पर मछली-सिंगाड़ा पालन सभा करेगी। कोई कलेक्टर कमिश्नर तय नहीं करेगा। गांव का रुपया अब गांव में ही रहेगा।

अधिकारियों को बुलाकर समझाया

मुख्यमंत्री जिस वक्त संबोधित कर रहे थे, उन्होंने कमिश्नर, कलेक्टर को अपने पास बुलाकर उनके सामने कहा कि ग्रामसभा को ये अधिकार दिये जा रहे हैं, ये अधिकारों का पालन यही लोग करेंगे, कलेक्टर या कमिश्रर को रोकने की जरूरत नहीं। इसी तरह से वन विभाग से कहा। जब उन्होंने डीएफओ को आवाज दी तो काफी देर तक कोई नहीं आया। पता चला कि वे ट्रेनिंग पर गये हैं। स्टेडियम के बाहर ड्यूटी पर तैनात एसडीओ दौड़ते हुए आये तो उनको कहा कि किसी आदिवासी को परेशान करने की जरूरत नहीं, अब ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित होकर काम होंगे।

गांव का पैसा गांव में उपयोग होगा

सीएम ने कहा कि प्रदेश में जनजातीय वर्ग को सशक्त और अधिकार सम्पन्न बनाने पेसा एक्ट लागू किया है जिससे उनके जीवन का खुशहाली आएगी। गांव का पैसा गांव के विकास में ही उपयोग होगा। उन्होंने कहा कि नये नियमों के अनुसार अब पटवारी और बीट गार्ड को गांव की जमीन का नक्शा, खसरा, बी वन नकल, गांव में ही लाकर ग्राम सभा में दिखाने होंगे, जिससे जमीन के रिकॉर्ड में कोई गड़बड़ी न कर सके। यदि कोई गड़बड़ी करता है तो ग्राम सभा को उसे ठीक करने का अधिकार रहेगा। किसी प्रोजेक्ट के लिये जमीन लेने के लिये ग्राम सभा की सहमति जरूरी होगी। उन्होंने कहा कि खनिज के मामले जिनमें रेत खदान, गिट्टी-पत्थर के ठेके देना है या नहीं यह भी ग्राम सभा में ही निर्णय लिया जाएगा। इन्हें पहले जनजातीय समाज सहकारी समिति को दिया जायेगा।

तालाबों का प्रबंधन ग्राम सभा करेगी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ग्राम सभा, अमृत सरोवरों, तालाबों का प्रबंधन करेगी। सौ एकड़ सिंचाई तालाबों का प्रबंधन, वनोपज का संग्रहण एवं न्यूनतम मूल्य निर्धारण भी ग्राम सभा में हो सकेगा। जनजातीय वर्ग के लोगों के द्वारा वनोपज संग्रहण करने के साथ उसे बेचने का भी हक होगा। तेंदूपत्ता की तुड़ाई और ब्रिकी का कार्य भी जनजातीय वर्ग करेंगे। वनोपज के दर ग्रामसभा तय करेंगी। यह सब प्रस्ताव एक माह में तय हो जाएंगे। ग्राम सभा तेंदूपत्ता संग्रहण एवं विक्रय का प्रस्ताव 15 दिसंबर तक पारित करे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मनरेगा के माध्यम से कब और कौन सा कार्य कराया जाना है यह सब ग्राम सभा ही प्रस्ताव बनाएगी। मस्टर रोल भी ग्राम सभा देखेगी। यदि ग्राम से मजदूरों को बाहर ले जाना हो तो पहले ग्राम सभा को जानकारी देनी होगी। गांव में बाहर से आने वाले व्यक्ति की जानकारी भी ग्राम सभा को देनी होगी।

लायसेंसधारी ही ब्याज पर पैसा देंगे

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जनजाति क्षेत्रों में केवल लायसेंसधारी साहूकार ही निर्धारित ब्याज दर पर पैसा उधार दे सकेंगे। इसकी जानकारी भी ग्राम सभा को देना होगी। साहूकार द्वारा अधिक ब्याज नहीं लिया जाएगा। अधिक ब्याज लेने पर संबंधित पर कार्यवाही होगी। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के हित लाभ के लिए भी ग्राम सभा को अधिकार रहेगा। किस वास्तविक हकदार को हक मिलना चाहिए उसे ग्रामसभा ही तय करेगी। स्कूल, स्वास्थ्य केन्द्र, आंगनवाड़ी केन्द्र, आश्रम, छात्रावास आदि के व्यवस्थित संचालन के लिए मॉनिटरिंग का अधिकार भी ग्राम सभा को होगा।  नये नियमों को प्रभावी ठंग से लागू करने पेसा कोऑर्डिनेटर बनाये जायेंगे।

अधिकार लागू करने का दिया संकल्प

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने प्रेम, शांति और सद्भाव के साथ पेसा एक्ट के अधिकार लागू करने के लिए जनसमूह को संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि स्व सहायता समूह की बहनों के सशक्तिकरण के लिए भी मध्य प्रदेश सरकार कृत संकल्पित है। इस वर्ष भी लगभग 3000 करोड़ रुपए स्व सहायता समहों के खातों में डाले जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सुखतवा कॉलेज का नामकरण भगवान बिरसा मुंडा के नाम से करने की घोषणा भी की।

जनजातीय समुदाय ने दिया धन्यवाद

कार्यक्रम का शुभारंभ कन्यापूजन एवं मां सरस्वती के पूजन से किया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भगवान बिरसा मुंडा, वीर रघुनाथ शाह, शंकर शाह, टंट्या मामा एवं रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर जनजातीय नायकों को नमन किया। जनजातीय समाज की तरफ से समाज के सशक्तिकरण के लिए पैसा एक्ट लागू करने के लिए जनजाति समुदाय ने धन्यवाद पत्र देकर मुख्यमंत्री श्री चौहान का आभार माना। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जनजाति नायकों के जयघोष और जय सेवा जय जोहार  से संबोधन की शुरुआत की।

आपकी सरकार, आपका कानून, आपका अधिकार

सांसद उदय प्रताप सिंह ने कहा कि आजादी के 70 वर्षों की इतिहास में सही मायनों में अब जनजाति वर्ग के जीवन को नई दिशा मिली हैं। अब जनजाति वर्ग की ताकत उनके हाथों में होंगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जनजाति वर्ग के सशक्तिकरण एवं उनके स्थान में निरंतर कार्य कर रहें हैं। पेसा एक्ट लागू कर उन्होंने जनजाति वर्ग को जल, जंगल एवं जमीन पर अधिकार दिलाकर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सामाजिक क्रांति लाई हैं। सांसद श्री सिंह ने क्षेत्र की जनता की तरफ से मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

स्वर्णिम मध्यप्रदेश का संकल्प हो रहा पूरा

सिवनी मालवा विधायक प्रेम शंकर वर्मा ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान के नेतृत्व में प्रदेश के कृषि उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश 7 बार कृषि कर्मण अवार्ड जीत चुका है। मुख्यमंत्री श्री चौहान प्रदेश को स्वर्णिम मध्यप्रदेश बनाने के लिए कृत संकल्पित होकर कार्य कर रहे हैं । उन्होंने सिवनी मालवा क्षेत्र में पिछले दिनों विकास कार्य स्वीकृत करने पर मुख्यमंत्री श्री चौहान का आभार प्रकट किया।

जनजातीय लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुति

कार्यक्रम में एकलव्य आवासीय विद्यालय केसला, कन्या आवासीय परिसर सुखतवा, चूरना आवासीय विद्यालय, एमजीएम इटारसी एसटी छात्रावास के छात्र छात्राओं ने आदिवासी संस्कृति पर आधारित लोक नृत्य एवं गीतों की प्रस्तुति दी। गोंडी और कोरकू वेशभूषा में सजे हुए बालक बालिकाएं मध्य प्रदेश की जनजातीय संस्कृति की परंपराओं को साकार करते हुए दिखाई दिए। संचालन प्राचार्य राजेश जायसवाल ने किया।

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